भरतपुर

Rajasthan Accident: नवजात बेटे के शव को ले जाते समय पिता की हुई मौत, महिला ने पहली संतान खोने के बाद खोया पति

भरतपुर में एक हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। जिस नवजात बेटे के जन्म का इंतजार था उसकी मौत के बाद शव लेकर लौट रहे पिता की भी सड़क हादसे में जान चली गई।
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Jul 01, 2026
Ambulance Accident
हादसे की प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

Bharatpur Ambulance Accident: महज 15 दिन पहले जिस घर में बेटे के जन्म की खुशियां आई थीं, वहां अब मातम ही मातम पसरा है। पहले समय से पहले जन्मे नवजात ने दम तोड़ दिया और उसका शव लेकर घर लौट रहे पिता की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। एक ही रात में महिला ने अपने पहले बच्चे और पति दोनों को खो दिया। हादसा सेवर थाना क्षेत्र के लुधावई के पास हुआ। जयपुर से नवजात का शव लेकर भरतपुर आ रही एंबुलेंस आगे चल रहे वाहन से टकरा गई। पुलिस के अनुसार एंबुलेंस चालक को झपकी आने के कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे में बी-नारायण गेट निवासी 29 साल के हेमंत की मौके पर ही मौत हो गई।

एंबुलेंस चला रहा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आरबीएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। वहीं हेमंत की पत्नी खुशबू (26), हेमंत का पिता जगदीश (50) और चाची गुड्डी (40) भी घायल हुए हैं। तीनों का उपचार जारी है।

पुलिस के अनुसार हेमंत का बेटा समय से पहले पैदा हुआ था। उसकी हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे जयपुर के जेके लोन अस्पताल रेफेर कर दिया था। उपचार के बावजूद सोमवार रात करीब 11 बजे नवजात की मौत हो गई। इसके बाद परिवार एंबुलेंस से बच्चे का शव लेकर भरतपुर लौट रहा था। पुलिस के अनुसार रास्ते में चालक को बार-बार झपकी आ रही थी।

परिजनों के अनुसार हेमंत ने उसे सावधान भी किया था लेकिन लुधावई के पास चालक को फिर झपकी आ गई और एंबुलेंस आगे चल रहे वाहन से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आगे की सीट पर बैठे हेमंत ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही सेवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल आरबीएम अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

पहली ही हुई थी संतान

हेमंत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। ये दंपती की पहली संतान थी। बेटे के जन्म की खुशी अभी परिवार ठीक से मना भी नहीं पाया था कि पहले मासूम की मौत और फिर पिता के असमय चले जाने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अब घर में नवजात की किलकारी की जगह सन्नाटा और मातम पसरा है।

Updated on:
01 Jul 2026 08:20 am
Published on:
01 Jul 2026 08:19 am