
भरतपुर। जिले में बयाना विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में नया घटनाक्रम सामने आया है। हत्या के बाद गांव भौंडा के पास स्थित खनन लीज से लोगों के जयकारे लगाते हुए बाहर निकलने का वीडियो सामने आया है। इस घटनाक्रम ने मामले को और गंभीर बना दिया है। उधर, पुलिस ने जयपुर के महेश नगर थाना क्षेत्र से नामजद आरोपी बलजीत को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। पुलिस की कई टीमें अब भी अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
सामने आए वीडियो में कथित तौर पर लोग वारदात के बाद जयकारे लगाते हुए लीज से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग मोबाइल का फ्लैश जलाकर जयकारे लगा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों के हाथों में लाठी और डंडे दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब पूर्व विधायक की हत्या के मामले में पुलिस मुख्य आरोपियों और साजिश में शामिल लोगों की तलाश कर रही है। वीडियो की परिस्थितियों और उसमें दिखाई देने वाले लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने इससे पहले भागमल गुर्जर, सोनी गुर्जर और शेर सिंह गुर्जर निवासी भौंडा तथा कुंवर सिंह गुर्जर निवासी नावर को गिरफ्तार किया था। अब जयपुर से बलजीत की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए 25 से 30 टीमों का गठन किया गया है और जिले के करीब डेढ़ दर्जन थानों की पुलिस को सक्रिय किया गया है।
मामले में पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने वैर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत में 30 लोगों को नामजद करने के साथ 50 से 60 अन्य लोगों पर भी आरोप लगाए गए थे। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद मुख्य आरोपियों और कथित साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी जांच का अहम पहलू बनी हुई है।
परिजनों के मुताबिक, अतर सिंह भड़ाना सात अक्टूबर को अपने पैतृक गांव पाली में परिवार के साथ राधा स्वामी सत्संग में शामिल होने आए थे। इसी दौरान उन्हें खनन लीज के कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच विवाद की जानकारी मिली, जिसके बाद वह भौंडा लौट गए। परिवार के सदस्य अजब सिंह ने बताया कि रायपुर और भौंडा गांवों के बीच खनन साइट तक जाने वाले रास्ते को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा था। उनके अनुसार, करीब दो महीने पहले हाईकोर्ट ने अतर सिंह के पक्ष में फैसला दिया था, जिसके बाद रास्ते से पत्थर निकालने पर रोक लगाई गई थी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हमले की योजना पहले से बनाए जाने की आशंका जताई गई है। बताया गया कि लीज की बिजली बंद करने और मकान पर पथराव से सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाने की बात भी जांच के दायरे में है। कर्मचारियों के बाहर निकलने पर उनके साथ मारपीट और पूर्व विधायक पर हमला किए जाने के आरोप हैं।
उधर, भौंडा गांव में सरकारी स्कूल के रास्ते और चारागाह की जमीन पर बने कथित अतिक्रमणों को प्रशासन ने चिह्नित कर लाल निशान लगाए हैं। एक दर्जन से अधिक निर्माणों पर कार्रवाई की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार, पहले नोटिस देकर संबंधित लोगों को दस्तावेज पेश करने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। मंगलवार को रास्ते और फुटपाथ पर बने एक दर्जन से अधिक अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए।
इसके अलावा, मुख्य आरोपियों में शामिल बताए जा रहे मुकेश फौजी की माता अतरी पत्नी हरज्ञान सिंह के वैर स्थित मकान पर निर्माण स्वीकृति, पट्टे और भवन के उपयोग से जुड़े दस्तावेज दो दिन में पेश करने का नोटिस चस्पा किया गया है। दस्तावेज नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अब पुलिस की जांच और आगे होने वाली गिरफ्तारियों पर सबकी नजर है।