
Atar Singh Bhadana Murder Case: भरतपुर: पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर 11 अक्टूबर की शाम हुए हमले की भयावहता अब सामने आए सीसीटीवी फुटेज से उजागर हो रही है। वीडियो में हमलावर तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान एक हमलावर की आवाज सुनाई देती है ‘इस सिलेंडर में आग लगाकर फेंक दो।’ इससे आशंका जताई जा रही है कि हमलावर अंदर रखे घरेलू गैस सिलेंडर में आग लगाकर उसे कमरे में फेंकने की साजिश रच रहे थे। हालांकि, उनकी यह मंशा पूरी नहीं हो सकी। दो मिनट 28 सेकेंड के वीडियो में एक मिनट 45 सेकेंड के आसपास सिलेंडर में आग लगाने की बात सुनाई देती है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल के बाहर चूल्हे पर खाना बन रहा था। हमलावरों ने वहां से जलती लकड़ियां उठाईं और कमरे की तरफ पहुंचे। इसके बाद लकड़ियां अंदर फेंकने की कोशिश की गई। हमले के दौरान इतना दहशत का माहौल था कि कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी करीब डेढ़ घंटे तक पेड़ों, वाहनों और पहाड़ी की तलहटी में छिपे रहे। पुलिस के पहुंचने के बाद ही वे बाहर निकल सके। संकरा और पहाड़ी रास्ता होने से पुलिस को भी घटनास्थल तक पहुंचने में समय लगा।
लीज पर लंबे समय से काम कर रहे एक कर्मचारी के मुताबिक, हमले के समय अतर सिंह भड़ाना को कमरे में पहुंचा दिया गया था। हमलावरों की संख्या देखकर कर्मचारी शौचालय में छिप गए, लेकिन भारी पथराव में दरवाजे टूट गए। कमरे का लोहे का दरवाजा बंद होने पर हमलावरों ने पहले सरियों से खिड़की तोड़ी, फिर दरवाजे को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद बाहर से ही सरियों से हमला किया।
सुरक्षा गार्डों ने भड़ाना को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों की आक्रामकता के सामने वे नाकाम रहे। भड़ाना के कमरे से बाहर नहीं निकल पाने पर हमलावरों ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और चूल्हे से उठाई गई जलती लकड़ियां अंदर फेंकने लगे। कर्मचारी के अनुसार, कमलेश भड़ाना की जान ऊपर के कमरे में लगे लोहे के गेट के कारण बची।
पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुकेश फौजी को भरतपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फरारी के दौरान पुलिस ने परिजनों और रिश्तेदारों के यहां तलाश की। एसपी राजेश मीणा ने देर रात पूछताछ की। आरोपी के घर बुलडोजर कार्रवाई का नोटिस भी दिया गया था।
पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि भौंडा गांव स्थित भड़ाना की लीज पिछले दो साल से बंद थी। पहले यहां काम करने वाले करीब 18 से 20 ट्रैक्टर चालक बेरोजगार हो गए थे। बताया जा रहा है कि इनमें से कई लोग भड़ाना से नाराज थे। आरोप है कि ये चालक पिछले दो वर्षों से लीज क्षेत्र से अवैध खनन कर खंडा आसपास के गांवों में सप्लाई कर रहे थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली से खंडा की आपूर्ति के लिए 500 से 800 रुपए तक वसूले जाने की बात सामने आई है, जबकि एक ट्रॉली की कीमत करीब तीन हजार रुपये तक बताई गई।
एक ग्रामीण के अनुसार, अवैध खनन में शामिल लोगों का व्हाट्सएप ग्रुप था। ट्रैक्टर एक साथ निकलते थे और आगे-पीछे बाइक सवार उन्हें रास्ते में एस्कॉर्ट करते थे। पकड़े जाने पर वाहनों को छुड़ाने के लिए कथित तौर पर चंदा भी जुटाया जाता था। मामले में मग्गो और मुकेश फौजी के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
पुलिस हर वीडियो और सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। कुछ स्थानों पर पुलिस टीम भी भेजी गई है। गांव में पुलिस ने किसी को भी परेशान नहीं किया है। यह सिर्फ अफवाहें हैं। पुलिस की जांच किसी भी अफवाह से प्रभावित नहीं होगी।
-राजेश मीणा, एसपी, भरतपुर