
Atar Singh Bhadana Murder Case (Patrika File Photo)
Atar Singh Bhadana Murder Case: भरतपुर पुलिस ने पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी मुकेश पुत्र हरज्ञान उर्फ मुकेश फौजी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्याकांड के बाद से ही मुकेश फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी और परिजनों व रिश्तेदारों के यहां भी उसकी तलाश की गई। आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद मुकेश फौजी को वैर पुलिस थाने लाया गया, जहां एसपी राजेश मीणा ने उससे पूछताछ की। पुलिस अब आरोपी से हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम, अन्य आरोपियों की भूमिका और मामले के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
मुकेश फौजी पिछले करीब दो साल से लीज बंद कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने का नेतृत्व कर रहा था। पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पत्नी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमों में भी मुकेश फौजी का जिक्र किया गया है। ऐसे में हत्याकांड की जांच के दौरान उसकी भूमिका पुलिस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हत्याकांड के बाद मुकेश फौजी के फरार रहने के बीच प्रशासन ने उसके घर पर बुलडोजर कार्रवाई के लिए नोटिस भी दिया था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और घटनाक्रम की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में सामने आया कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के कुछ प्लेटफॉर्म पर लीज के रास्ते को लेकर भड़काऊ पोस्ट डाली जा रही थीं। महिलाओं और पुरुषों को साथ लेकर ये पोस्ट वायरल की जा रही थीं। सात अक्टूबर को छिटपुट विवाद के बाद घटना वाले दिन धरना स्थल से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया था। पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना के सुरक्षाकर्मियों की ओर से वीडियो के जरिए उकसाने की बात भी सामने आई थी। कुछ सुरक्षाकर्मियों के धौलपुर क्षेत्र के होने की जानकारी भी मिली थी। पुलिस इन सभी वीडियो की पड़ताल कर रही थी।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए भागमल, सोनी, शेर सिंह, बलदेव और कुंवर सिंह को न्यायिक मजिस्ट्रेट सुविहाय हाफिज सिद्दकी के समक्ष पेश किया था। पुलिस ने तीन दिन का पुलिस कस्टडी (पीसी) रिमांड मांगा था, लेकिन न्यायालय ने पांचों आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर सौंपा था।
गांव भौंडा के ग्रामीणों की आसपास के गांवों, खासकर बयाना क्षेत्र में रिश्तेदारियां थीं। यहां डांग और पहाड़ी इलाके होने के कारण आरोपियों के रिश्तेदारों के यहां छिपने की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने कई जगह दबिश दी थी, लेकिन आरोपी पहुंचने से पहले फरार हो गए थे। मुख्य आरोपियों के हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छिपे होने की आशंका पर पुलिस टीमें वहां भी भेजी गई थीं।
Updated on:
16 Oct 2026 08:58 am
Published on:
16 Oct 2026 08:29 am
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