
भरतपुर . डरावने हुए डेंगू के बीच अब चिकनगुनिया और स्क्रब टायफस खौफ बनकर उभर रहे हैं। डेंगू के केसों में कमी नहीं आने से चिकित्सा विभाग की नींद भी उड़ी हुई है। खास बात यह है कि स्क्रब टायफस एक जान भी ले चुका है। हालांकि यह मौत मार्च माह की बताई जा रही है, लेकिन इसके केस मिलने का सिलसिला जारी है। डेंगू के सर्वाधिक मरीज भरतपुर शहर में मिले हैं, जहां नगर निगम सफाई में अपनी पूरी ताकत झोंकने की बात कह रही है। इससे इतर शहर में मिले बहुतेरे केसों के चलते विभाग और निगम की फोगिंग के तमाम दावों की पोल भी खुलती नजर आ रही है।
जिले में अब तक डेंगू भी कई जान ले चुका है, लेकिन विभाग के आंकड़ों में यह मौत दर्ज नहीं की जा रही हैं। कई निजी अस्पतालों के साथ गांव-कस्बों में डेंगू के मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन विभाग इनकी मौत डेंगू से मानने को तैयार नजर नहीं आ रहा है। यही वजह है कि विभाग के आंकड़ों में अभी तक जिले में एक भी मौत डेंगू से नहीं दर्शाई गई है। सेवर क्षेत्र के गांव मुरवारा एवं गुंडवा में डेंगू की दहशत से हर कोई आहत है। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक यहां करीब आधा दर्जन बच्चों की मौत मौसमी बीमारियों के चलते हो चुकी है, लेकिन विभाग इनकी मौतों का आंकड़ा छिपाता नजर आ रहा है। हालांकि एक साथ बड़ी संख्या में मिले बुखार के रोगियों के बाद यहां टीम भेज दी गई, लेकिन मौतों का हिसाब-किताब विभाग के पास नहीं है।
झोलाछापों पर विभागीय मेहरबानी
गांव गुंडवा में बच्चों की मौत की बड़ी वजह झोलाछाप चिकित्सक द्वारा इलाज करना बताया जा रहा है, लेकिन विभाग के पास इनका इलाज नजर नहीं आ रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पीएचसी-सीएचसी पर पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में विभाग ने ऐसे झोलाछापों को इलाज की खुली छूट दे रखी है, जिससे विभागीय संसाधनों की कमियां उजागर नहीं हों, लेकिन यही छूट मरीजों की जान से खिलवाड़ करती नजर आ रही है, लेकिन विभाग की खामोशी टूटने का नाम नहीं ले रही है।
कहां मिले कितने मरीज
ब्लॉक डेंगू चिकनगुनिया स्क्रब टायफस
बयाना 39 10 12
भुसावर 27 4 14
डीग 14 5 5
नगर 9 5 4
नदबई 24 6 15
कुम्हेर 28 4 3
कामां 6 2 3
रूपवास 29 5 5
सेवर 24 7 10
भरतपुर शहर 159 9 3
अन्य राज्य 30 4 0
(चिकित्सा विभाग का दावा है कि स्क्रब टायफस से मौत नदबई ब्लॉक में हुई। इस केस की सूचना स्थानीय स्तर पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर से मार्च 2021 में मिली।)
इनका कहना है
जयपुर से आई रिपोर्ट में स्क्रब टायफस से एक मौत की सूचना मिली थी। वह पहले की है। अभी तक जिले में डेंगू से मौत की सूचना कन्फर्म नहीं है। मौत के अन्य दूसरे कारण भी हो सकते हैं।
- डॉ. मनीष चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भरतपुर