भरतपुर

राजस्थान में मोबाइल पर मैसेज के जरिए आ रहा है ऐसा बड़ा अलर्ट, 12 जिलों के लोग हो जाएं सावधान

Rajasthan Weather Alert: तन को झुलासने और हलक को सुखाने वाली गर्मी के दौर में दिन-रात दोनों तपने लगे हैं।

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May 22, 2024

Rajasthan Weather Alert: प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का दौर लगातार जारी है, जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। बुधवार को दिन चढ़ने के साथ सूर्य की तेज किरणें निकलीं। भीषण गर्मी का प्रकोप इस कदर था कि 9 बजे बाद ही लू के थपेड़े चलने लगे और 11 बजे बाद गर्मी व लू के चलते लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। दोपहर के समय मुख्य मार्गों पर चहल पहल कम नजर आई। इस बीच आपदा प्रबंधन विभाग आम जनता को मोबाइल पर मैसेज भेजकर सावधान कर रहा है। विभाग की ओर से भेजे गए मैसेज में लिखा है कि अगले 24 घंटों में अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, बीकानेर, चूरू, धौलपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, झुंझुनूं, जोधपुर और फलोदी क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर लू/गंभीर लू/गर्म रात होने की संभावना है।

दिन-रात दोनों तपने लगे

तन को झुलासने और हलक को सुखाने वाली गर्मी के दौर में दिन-रात दोनों तपने लगे हैं। मौसम विभाग ने बुधवार 22 मई को हीट वेव को लेकर श्रीगंगानगर-अनूपगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया हुआ है। ऐसे में गर्मी और हीट वेव आमजन को और ज्यादा परेशान कर सकती हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 46.2 व न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वातावरण में नमी 35 प्रतिशत रहने से अब दिन की तरह रातें भी तपने लगी है। गर्मी के तेवर 2022 व 2023 में भी कमोबेश ऐसे ही थे। वर्ष 2022 में 21 मई को अधिकतम तापमान 45.6 तथा 2023 में 44.8 दर्ज हुआ था। हीट वेव को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिला कलक्टर लोकबंधु ने बताया कि लू व तापघात के रोगियों की उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। ऐसे रोगियों के लिए जहां तक संभव हो अलग वार्डों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि हीट वेव का असर 25 मई तक रह सकता है, ऐसे मे आमजन को सावधानी रखनी होगी।

सीएमएचओ बोले: बचाव ही उपचार

सीएमएचओ डॉ.अजय सिंगला ने बताया कि चिकित्सकीय दृष्टि से लू तापघात के लक्षण लवण व पानी की आवश्यकता व अनुपात विकृति के कारण होती है। मस्तिष्क का एक केंद्र जो मानव के तापमान को सामान्य बनाए रखता है, काम करना छोड़ देता है। लाल रक्त कोशिकाएं रक्त वाहिनियों में टूट जाती हैं व कोशिकाओं में जो पोटेशियम लवण होता है। इससे रक्त संचार में आ जाता है, जिससे ह्रदय गति, शरीर के अन्य अंग व अवयव प्रभावित होकर लू तापघात के रोगी को मौत के मुंह में धकेल देते हैं।

Published on:
22 May 2024 04:10 pm
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