भरतपुर

बृज के पर्वतों पर खनन के विरोध में 18 फरवरी को पसोपा में जुटेंगे किसान

-किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे शामिल, धरनास्थल पर ही हो रहा भागवत कथा का आयोजन, 30 दिन बाद भी नहीं हो सका कोई निर्णय

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Feb 15, 2021
बृज के पर्वतों पर खनन के विरोध में 18 फरवरी को पसोपा में जुटेंगे किसान

भरतपुर/डीग. आदिबद्री व कनकांचल पर्वतीय क्षेत्र में हो रहे विनाशकारी खनन के विरोध में गांव पसोपा में 16 जनवरी से चल रहे अनिश्चतकालीन धरने के 30वें दिन रविवार को धरना स्थल पर आयोजित भागवत कथा के माध्यम से ब्रज के पर्वतों की रक्षा को लेकर जनजागरण किया गया।
बाल साध्वी गौरी देवी ने भागवत कथा के दूसरे दिन अपार जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्य पर्वतों की रक्षा का संकल्प ब्रज के मूर्धन्य संतों ने लिया है उनका संकल्प अवश्य पूरा होगा। क्योंकि महापुरुषों में जो सामथ्र्य होती है वह भगवान में भी नहीं। उन्होंने कहा कि यहां जो ये ब्रजवासियों का जनसैलाब एकत्रित होरहा है इससे भी सिद्ध हो गया है कि प्रभु भक्तों व ब्रज वासियों की भावना का आदर अवश्य करेंगे। इस मौके पर सरपंच विजय सिंह व सरपंच सुल्तान सिंह ने आंदोलन के आगे के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 18 फरवरी को ब्रज के पर्वतों की रक्षा के लिए विशेष किसान पंचायत का आयोजन किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि इसमें किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह व अन्य राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। साथ ही सोमवार को ग्रामीणों व साधु संतों की ओर से उपखंड अधिकारी पहाड़ी के कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा। भागवत कथा के आयोजन से आस पास के गांवों में उत्सव का सा वातावरण बना हुआ है। अनेक गांवों से ग्रामीण व महिला के समूह कीर्तन करते हुए कथा स्थल पर पहुंच रहे है। पहाड़ी के प्रमुख शिक्षाविद केसरी सिंह ने कथा मंच से कहा कि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार ब्रज के पर्वत केवल भारत के ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व की धरोहर हैं व इनको नष्ट करना विश्व में अमंगल ही लाएगा। मानमंदिर के अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने कथा के अंत में बताया कि सरकार के केंद्रीय नेतृत्व को भी इस आंदोलन की सूचना दे दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 17 फरवरी तक प्रशासन ने ब्रज के पर्वतों की रक्षार्थ कार्यवाही प्रारम्भ नहीं की तो इस मुद्दे को लेकर शीघ्र जयपुर जाकर प्रदर्शन किया जाएगा। कथा का समापन ब्रज के पर्वतों की रक्षा के नारों व आदिबद्री पर्वत की महाआरती के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीणों के अतिरिक्त मुख्य रूप से आदिबद्री महंत शिवराम दास, बाल साध्वी मधुबनी, सत्यप्रकाश यादव, सरपंच जलाल खान, मानमंदिर के सचिव ब्रजदास, सरपंच विजयसिंह, हरि बोल दास बाबा, भूरा बाबा, गोपाल दास, कृष्ण दास बाबा, ब्रजकिशोर बाबा, कृष्ण चैतन्य बाबा, ब्रजराज बाबा आदि उपस्थित थे।

Published on:
15 Feb 2021 02:59 pm
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