
Bharatpur Rain:बारिश के बाद घरों में घुसा पानी (फोटो-पत्रिका)
भरतपुर। पूर्वी राजस्थान में मानसून ने गुरुवार को जोरदार दस्तक दी। भरतपुर और धौलपुर जिले में लगातार कई घंटे तक हुई बारिश के कारण शहर से लेकर गांव तक पानी ही पानी नजर आया। निचले इलाकों में घरों में पानी घुस गया, बाजारों में कारोबार प्रभावित रहा और कई स्थानों पर कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आईं। लगातार बारिश के कारण लोगों को आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भरतपुर जिले के सीकरी कस्बे में बारिश ने नगर पालिका के दावों की हकीकत सामने ला दी। कस्बे के बीच से गुजरने वाला मुख्य नाला लंबे समय से कूड़े और प्लास्टिक से अटा पड़ा था। बारिश शुरू होते ही पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई और नाले का पानी सड़कों पर फैल गया। कई इलाकों में जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया। हालात बिगड़ने के बाद नगर पालिका ने जेसीबी मशीन लगाकर नाले की सफाई शुरू कराई, लेकिन तब तक कई इलाके जलमग्न हो चुके थे।
सीकरी क्षेत्र में गुरुवार शाम तक करीब 210 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों के मकानों में पानी भर गया। कई परिवारों को घरों से पानी निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और लोग केवल जरूरी काम होने पर ही बाहर निकले।
डीग जिले के पहाड़ी कस्बे में करीब आठ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से हालात और ज्यादा बिगड़ गए। गुर्जर मोहल्ला, लोधा मोहल्ला, थाना परिसर और तहसील परिसर सहित कई स्थानों पर जलभराव हो गया। अनेक घरों में पानी घुसने से अनाज, फर्नीचर और घरेलू सामान खराब हो गया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। उपखंड अधिकारी जोगेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि भारी बारिश के कारण कई जल निकासी मार्ग अवरुद्ध हो गए थे, जिन्हें जेसीबी की मदद से खुलवाया जा रहा है और धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं।
कामवन क्षेत्र के नगला मुकारिब स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी बारिश का पानी भर गया। स्कूल परिसर और कमरों में पानी जमा होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई। ग्रामीणों ने भवन की जर्जर स्थिति को लेकर भी चिंता जताई और हादसे की आशंका व्यक्त की। सीबीईओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके का निरीक्षण किया गया और पंप लगाकर परिसर से पानी निकालने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
भरतपुर जिले के नदबई क्षेत्र के बछामदी गांव में लगातार बारिश के कारण एक मकान की छत की पट्टियां भरभराकर गिर गईं। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में मौजूद थे, लेकिन समय रहते बाहर निकल जाने से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि 15 वर्षीय बालिका अल्फिया के पैर में चोट आई, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
धौलपुर जिले के सैंपऊ क्षेत्र के गढ़ी लज्जा गांव में लगातार बारिश से तीन दिनों में मकानों की दीवार और छत गिरने के तीन अलग-अलग मामले सामने आए। एक हादसे में वृद्ध महिला रामश्री बाल-बाल बच गईं, क्योंकि घटना के समय वह घर के बाहर सो रही थीं। ग्राम पंचायत ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग प्रशासन से की है।
वहीं धौलपुर जिले के बसेड़ी और बाड़ी क्षेत्रों में भी भारी बारिश के कारण कई कॉलोनियों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया। घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।अगले तीन दिन भारी बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार उत्तर प्रदेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और सक्रिय मानसून ट्रफ के कारण पूर्वी राजस्थान में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने विशेष रूप से भरतपुर, धौलपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार सक्रिय मानसून के चलते लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधानी बरतने की जरूरत है।
Updated on:
06 Aug 2026 08:23 pm
Published on:
06 Aug 2026 07:46 pm
