
भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में वैर कस्बे के पास पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर हुए जानलेवा हमले के बाद उनकी मौत हो गई। रविवार शाम उनके क्रशर प्लांट पर हुए हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए जयपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में दौसा जिले के महुआ के पास उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, वैर क्षेत्र में स्थित पूर्व विधायक के क्रशर प्लांट पर रविवार शाम बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आरोप है कि करीब 70 से 80 लोगों ने वहां हमला कर दिया। इस दौरान अतर सिंह भड़ाना और उनके अंगरक्षक गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए वैर के उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद अतर सिंह को जयपुर और अंगरक्षक गगन शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया था।
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके पति और वहां मौजूद अन्य लोगों के साथ मारपीट की। उन्होंने अतर सिंह भड़ाना को गोली लगने की बात भी कही। हालांकि, घटना में गोली लगने और हमले में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। क्रशर पर काम करने वाले 20 से 25 लोगों में से कितने घायल हुए, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।
पूर्व विधायक अतरसिंह भड़ाना के परिजन देर रात उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां रात 12.19 बजे अस्पताल प्रशासन ने उनकी मौत की पुष्टि की। बताते हैं कि पूर्व विधायक की हालत उन्हें ले जाते समय महुआ में ही बिगड़ने लगी थी। ऐसे में प्रशासन ने दौसा अस्पताल प्रशासन को अलर्ट किया था। जहां उन्हें सीपीआर देकर जयपुर रवाना किया गया। जहां उनकी मौत की पुष्टि की गई।
जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत गोली लगने से नहीं हुई है, बल्कि शरीर चोटों के कारण हुआ है। उनके शरीर पर काफी जगह पर गंभीर चोटों के निशान है। इससे उनका काफी खून बह गया था। कहीं भी गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के अनुसार, क्रशर संचालन को लेकर ग्रामीणों और क्रशर संचालक के बीच पिछले करीब दो वर्षों से विवाद चल रहा था। इस मुद्दे पर ग्रामीणों की ओर से क्रशर के विरोध में धरना भी दिया जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पहाड़ी पर मशीनों से खनन का काम चल रहा था और घटना के समय अतर सिंह भड़ाना भी वहां मौजूद थे। इसी दौरान 70-80 लोगों ने हमला कर दिया।
वैर थाना सीआई धीरेंद्र सिंह के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। चिकित्सक रवि ने पूर्व विधायक की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जयपुर रेफर किया था। हालांकि, जयपुर पहुंचने से पहले ही महुवा के पास उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों और विवाद की पृष्ठभूमि की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। घटना के संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में मामला दर्ज नहीं कराया गया था। हमले में शामिल लोगों की संख्या, घटना के दौरान हथियारों के इस्तेमाल और अन्य घायलों के बारे में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
पूर्व विधायक की मौत के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई है। अब पुलिस जांच में हमले के कारणों, जिम्मेदार लोगों और क्रशर संचालन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।