भरतपुर

राजस्थान में यहां पीने के पानी के लिए महिलाओं को चढ़नी पड़ती है 100 सीढ़ियां

राजस्थान में एक गांव ऐसा भी है, जहां पीने के पानी के लिए महिलाओं को 100 सीढ़ियां चढ़नी उतरनी पड़ती है। इसके बाद भी दीवारों से कूदना पड़ता है।

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Dec 16, 2024

भरतपुर। रूपवास रेलवे स्टेशन के सामने स्थित नानकपुर नगला काचेरा में नगरपालिका के 22 व 23 यानी 2 वार्ड हैं। जिनमें रूपकला व गणेश जाटव पार्षद हैं। आबादी एक हजार के आसपास है और प्राथमिक विद्यालय व 2 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इस विद्यालय में लग रहे हैंडपंप का पानी भी खारा है तो बच्चे घर से बोतलों में पानी भरकर लाते हैं।

इस कॉलोनी को बसे तीन दशक से भी अधिक का समय हो गया। लेकिन इन्होंने कभी मीठा पानी अपने वार्ड में नहीं देखा है। यहां के वाशिंदे आज भी अल सुबह अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे स्टेशन की टंकी व स्टेशन के पीछे बने देवी माता के मंदिर पर लग रहे एक हैंडपंप से भरकर लाते हैं। क्योंकि इनका पानी मीठा है।

जबकि नानकपुर के लोग पानी लाने के लिए रेल लाइन को पार करते हैं। अगर रेलवे स्टेशन पर जब कोई गाड़ी खड़ी रहती है। तो महिलाएं पुल पर होकर पानी लेने आती है। यानी पानी से भरे बर्तन को लेकर 100 सीढ़ियां चढ़नी उतरती है। इसके बाद भी दीवारों से कूदना पड़ता है। कुछ दिन बाद कोहरा भी आएगा। जब भारी परेशानी का सामना करेगी।

जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन बेखबर

40 वर्षों से लोकसभा व विधानसभा की सीट एससी की रही है। वही नानकपुर में जाटव समाज के ही लोग रहते हैं। लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने इनकी सुध नहीं ली है। रूपवास ग्राम पंचायत भी रही है। विगत 5 वर्षों से नगर पालिका भी हुई है। लेकिन आज तक कोई भी जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन ने इन घरों के लिए मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए जहमत तक नहीं उठाई है।

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जल्द बिछवाई जाएगी पाइप लाइन

इस बारे में विधायक ऋतु बनावत का कहना है कि जल्द ही मंत्री से मिलकर पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछवाई जाएगी। जलदाय विभाग के सहायक अभियंता केके गोयल का कहना है कि विभाग ने अस्थाई तौर पर सड़क किनारे नल लगा रखे हैं। अगर उनमें खराबी आ गई है तो सही करा दिया जाएगा। वैसे घर घर नल कनेक्शन के लिए उच्चाधिकारियों को लिख दिया गया है।

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