
इस तेज गर्मी के दौर में बीमारियों से पीडि़त मरीजों से जनाना अस्पताल का ओपीडी नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है।
रोगियों की लंबी कतार और चिकित्सकों का टोटा भयंकर परेशानी बन गए हैं। इससे ओपीडी की व्यवस्था बेपटरी होने लगी है। सोमवार सुबह ओपीडी में लगी मरीजों की कतार एक चिकित्साक के भरोसे चल रही थी।
घंटों लाइन में खड़े
उल्टी-दस्त से पीडि़त बच्चे और गर्भवती महिलाएं एक चिकित्सक के भरोसे घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। गर्मी व उमस से भयंकर परेशान रहे। अस्पताल में 15 दिनों से 12 से 15 बच्चे प्रतिदिन उल्टी, दस्त से पीडि़त आ रहे हैं। इसके अलावा महिलाओं के प्रसव की संख्या भी बढ़ रही है। फिर भी पर्याप्त चिकित्सकों को ओपीडी में नहीं लगाया जा रहा है।
दूसरा चिकित्सक पहुंचने से राहत
बताया गया कि दो चिकित्सकों की ड्यूटी ऑपरेशन थिएटर में थी। एक महिला चिकित्सक वार्ड में राउण्ड पर थी।इनमें एक महिला चिकित्सक दोपहर को ओपीडी में आई तब दो महिला चिकित्सक होने से मरीजों को राहत मिली।
खाली नजर आए कक्ष
एक चिकित्सक नदबई में लगे शिविर में गए। एक महिला चिकित्सक सीएल पर तो एक अन्य महिला चिकित्सक मेडिकल अवकाश पर थी। इससे ओपीडी कक्ष खाली रहे। दोपहर में ऑपरेशन थिएटर से एक महिला चिकित्सक ओपीडी पहुंची। दो महिला डॉक्टरों ने कमान संभाली।
ओपीडी में प्रतिदिन मरीजों की स्थिति
बच्चे 120
गर्भवती 47
महिला मरीज 110