कोटा

मैरिज होम हादसा, हवा ने फुस्स की जांच रिपोर्ट

अन्नपूर्णा मैरिज होम हादसे की सच्चाई की परतें नहीं खुल पा रही हैं। राज्य सरकार ने कमेटियों से जांचें बिठाईं तो एडीएम की कमेटी ने अपनी सौंपी रिपोर्ट में हादसे के पीछे 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के औसत दबाव को आधार बनाया।
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Updated: 22 Jun 2017, 11:50 AM IST
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अन्नपूर्णा मैरिज होम हादसे की सच्चाई की परतें नहीं खुल पा रही हैं। राज्य सरकार ने कमेटियों से जांचें बिठाईं तो एडीएम की कमेटी ने अपनी सौंपी रिपोर्ट में हादसे के पीछे 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के औसत दबाव को आधार बनाया।

अब यह किसी के गले नहीं उतर रहा है कि इस हल्के दबाव से ही मैरिज होम की दीवार गिरी होगी और 24 जनों की मौतों का कारण यही रहा होगा। एडीएम की फौरी तौर पर तैयार की गई जांच रिपोर्ट पर कई सवाल खड़े होने लगे हैं। क्या महज हवा की मामूली रफ्तार से यह हादसा हुआ? घटना की रात आए अंधड़ के गवाह रहे लोगों के यह तथ्य गले नहीं उतर पा रहा है।

प्रशासन के पास नहीं यंत्र

जांच रिपोर्ट मेें सरसों अनुसंधान निदेशालय द्वारा 17 जून को भेजी गई तथ्यात्मक रिपोर्ट का हवाला देकर कहा गया है कि हादसे वाले दिन 10 मई को सुबह 7.20 से दोपहर 2.20 बजे तक वायु की औसत गति 1.8 किलोमीटर प्रति घंटा रही। जबकि इसी दिन दोपहर 2.20 से 11 मई को सुबह 7.20 बजे के बीच हवा की औसत रफ्तार 20.4 किलोमीटर प्रति घंटा रही।

जांच में निदेशक प्रमोदकुमार राय के भी बयान लिए गए। निदेशक ने बताया कि आम दिनों में पहले भी 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल चुकी है। लेकिन कभी मैरिज होम जैसा कोई हादसा नहीं हुआ।

जांच में सटीक जवाब नहीं

जांच रिपोर्ट में हादसे की रात अंधड़, बारिश व ओले के साथ वायु की गति अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक बताई गई। मैरिज होम की एक तरफ की दीवार बेहद कमजोर थी, जो हवा के दबाव को नहीं झेल पाई। रिपोर्ट में कहा गया कि मैरिज होम की दीवार सामान्य दबाव सहन कर सकती थी।

किसी के पास ठोस तथ्य नहीं

उपरोक्त पूरे प्रकरण में न प्रशासन और न ही सरसों अनुसंधान यह बता सका कि घटना के दौरान हवा की वास्तविक रफ्तार कितनी थी। इसका सटीक तथ्य और जबाव किसी के पास नहीं है। अनुसंधान निदेशालय यह भी मानता है कि हादसे की रात हवा की रफ्तार कम से कम 40 किलोमीटर प्रति घंटा थी लेकिन उसके पास औसत हवा की रफ्तार मापने का ही यंत्र है। इसलिए हादसे की रात रिकॉर्ड के आधार पर 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलना माना जाएगा।

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