-राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने किया 72वें जिला स्तरीय वन महोत्सव का शुभारंभ
भरतपुर. औषधीय पौधों को अपने घरों अथवा सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जा सकता है, अगर वहां भी जगह नहीं हो तो वे सरपंच से स्वीकृति प्राप्त कर चारागाह में भी लगा सकते हैं। इसके लिए प्रशासन ने निर्देशित भी कर दिया है। अगर कोई मना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रविवार को वन विभाग की ओर से पुलिस ट्रेनिंग सेन्टर बांसी खुर्द परिसर में 72वां जिला स्तरीय वन महोत्सव का शुभारंभ तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा, संभागीय मुख्य वन संरक्षक सीआर मीणा, जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार विश्नोई, उपवन संरक्षक अभिमन्यु सहारण, उपवन संरक्षक वन्य जीव मोहित गुप्ता, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन बीना महावर, स्थानीय निकाय के उपनिदेशक डॉ. राजेश गोयल के साथ पौधारोपण किया।
कार्यक्रम में तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है कि हम सबको पांच-पांच पौधे लगाकर उनका संरक्षण व संवर्धन करना होगा तभी पर्यावरण संतुलन बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने रोगप्रतिरोधक क्षमता बढाने की दृष्टि से घर-घर औषधीय पौधे बांटने की अभिनव योजना शुरू की है। इसके सकारात्मक परिणाम मिलेंगे क्योंकि इन पौधों की उपयोगिता का परीक्षण कोरोना की दूसरी लहर के दौरान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं को चाहिए कि वे पेड़ों की कटाई को रोकने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र के प्रभारी से आग्रह किया कि वे इस क्षेत्र मेें सघन पौधारोपण करें ताकि यह क्षेत्र हरा-भरा हो सके। कार्यक्रम में जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने कहा कि मानव को अपने जीवन में अधिकाधिक पौधे लगाने होंगे ताकि क्षेत्र का पर्यावरण संतुलित रह सके। उन्होंने बताया कि औषधीय पौधों को अपने घरों अथवा सार्वजनिक स्थानों पर लगाएं और यदि वहां भी जगह नहीं हो तो वे सरपंच से स्वीकृति प्राप्त कर चारागाह में भी लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि औषधीय पौधे निश्चय ही बीमारियों से रक्षा के कवच हैं। पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र कुमार विश्नोई ने कहा कि विश्नोई समाज को प्रारम्भ से ही प्रकृति के संरक्षण का पक्षधर रहा है और समाज मानव के अलावा पेड़ पौधों में भी ईश्वर का रूप देखता है। इस अवसर पर संभागीय मुख्य वन संरक्षक सीआर मीणा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में अतिथियों की ओर से आसपास के गांवों के लोगों को घर घर औषधीय पौधे वितरण योजना के तहत तुलसी, कालमेघ, गिलोय और अश्वगंधा के चार-चार पौधों की किट उपलब्ध कराई गई। अभिमन्यु सहारण ने आभार व्यक्त किया। संचालन अनुपमा चीमा ने किया।
54 लाख रुपए से बने दो किसान पथों का लोकार्पण
राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने भरतपुर विधानसभा क्षेत्र में कृषि विपणन बोर्ड की ओर से चिकसाना रोड से भरंगरपुर एवं ठेई गांव से चिकसाना की ओर करीब 54 लाख रुपए की लागत सेे निर्मित दो किसान पथों का लोकार्पण किया। लोकार्पण के अवसर पर डॉ. गर्ग ने कहा कि इन किसाना पथों के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में अधिक सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में करीब पांच करोड़ रुपऐ लागत की 20 और सड़कें स्वीकृत कराई गई हैं। इनके निर्माण के बाद क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछ जाएगा। जलजीवन मिशन के प्रथम चरण में 30 गांवों में घर घर नलों से पेयजल मुहैया कराया जाएगा। डॉ. गर्ग ने बताया कि गांव के सभी लोगों को चिरंजीवी योजना के पंजीयन कराना होगा ताकि उन्हें पांच लाख रुपए तक का निशुल्क इलाज मिल सके। कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष संतोष फौजदार, सतीष सोगरवाल, सुरेश मदेरणा, सुरेशपाल, प्रेमसिंह सरपंच, मानसिंह, प्रेमवीर, रामकुमार, दीवानसिंह, राजेन्द्र ठेई, रामकुमार, विजयसिंह , विकास अधिकारी देवेन्द्र सिंह, कृषि विपणन बोर्ड के अधिषाषी अभियंता पारस जैन एवं भरंगरपुर व ठेई के ग्रामीण उपस्थित थे।