दुर्घटना में घायल किसान और मृतकों के आश्रितों को अरसे बाद सहायता राशि मिलने की राह खुली है। सहायता राशि के लिए जमा पत्रावलियों का कृषि उपज मंडी समिति ने निस्तारण शुरू कर दिया है।
दुर्घटना में घायल किसान और मृतकों के आश्रितों को अरसे बाद सहायता राशि मिलने की राह खुली है। सहायता राशि के लिए जमा पत्रावलियों का कृषि उपज मंडी समिति ने निस्तारण शुरू कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि इन फाइलों के अटके पड़े होने पर सर्वप्रथम राजस्थान पत्रिका के 30 मई 2017 के अंक में 'अन्नदाता के जीवन से मंडी तंत्र का खिलवाड़Ó शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर उनकी पीड़ा उजागर की गई थी।समाचार पर हरकत में आई मंडी समिति ने लम्बित व नए प्रकरणों का निस्तारण करना शुरू कर सहायता राशि की स्वीकृतियां देनी चालू कर दी हैं।
39 पत्रावलियां निस्तारित
बैठक में सचिव, मंडी प्रशासक व जिला कलक्टर प्रतिनिधि ने भरतपुर शहर की मंडी समिति में दिसम्बर 2016 से छह जून 2017 तक लम्बित 39 पत्रावलियां का निस्तारण किया। इनमें से मृतक के आश्रित व घायलों की 13 पत्रावलियों पर राशि स्वीकृत की गई। जबकि 12 पत्रावलियां मंडी समिति के मापदंडों के अनुरूप नहीं होने पर निरस्त कर दी गईं।
कारण अलग-अलग
इसके अलावा छह पत्रावलियों में एफएसएल (पोस्टमार्टम) रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने पर कार्रवाई रोक दी गई। रिपोर्ट आने पर सहायता राशि स्वीकृत की जाएगी। तीन पत्रावलियों को मार्गदर्शन एवं जांच के लिए जयपुर भेजा गया। पांच फाइलों में कमियां होने के कारण रोक दिया है।
हादसे की रहती है सम्भावना
राज्य सरकार ने कई वर्ष पूर्व योजना शुरू कर कृषि यंत्र से कार्य, सिंचाई के लिए कुआं खोदना, ट्यूबवैल लगाना, ट्यूबवैल पर कनेक्शन करते समय करंट, खेतों के ऊपर से गुजरती विद्युत लाइन से करंट लगने पर मृत्यु या अंग-भंग, मंडी में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से काश्तकार की मृत्यु व अंग-भंग, कुट्टी काटते समय दुर्घटना, टांके में डूबने से मृत्यु होने की स्थिति में सहायता राशि देने का प्रावधान किया था।
यह है सहायता राशि
मृत्यु होने पर आश्रित को दो लाख रुपए, दो अंग (हाथ-पैर) कटने पर 50 हजार रुपए, एक अंग जैसे हाथ, पंजा कटने पर 25 हजार रुपए, चार अंगुली कटने पर 20 हजार, दो अंगुली कटने पर 15 हजार व अन्य स्थिति में भी सहायता राशि दी जाती है। मृत्यु होने पर एफआईआर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।
- राजीव गांधी कृषक बीमा योजना की लंबित पत्रावलियों का निस्तारण कर दिया है। कमेटी ने कई प्रकरणों में सहायता राशि स्वीकृत की है।
पुष्कर मित्तल, प्रशासक, कृषि उपज मंडी समिति, भरतपुर