भरतपुर

पटवार मंडल: भत्ता कम, काम ज्यादा!

Jul 30, 2026
Rajasthan

-पटवारियों पर बढ़ता काम का बोझ, किसी पर दो तो किसी पर तीन पटवार मंडलों का जिम्मा
भरतपुर. जिले में किसी पटवारी को दो तो किसी को तीन पटवार मंडलों का जिम्मा संभालना पड़ रहा है। भले ही फ्लैगशिप योजनाओं को अमलीजामा पहनाना हो या जरूरतमंद को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करना। हर कार्य की जिम्मेदारी पटवारियों के कंधे पर है। पटवारियों की कमी के कारण परेशानी कास्तकारों को भी उठानी पड़ रही है। भरतपुर जिले में वर्तमान में करीब 40 फीसदी पटवारी के पद खाली है। बाकी अपने मूल काम के बोझ तले पहले से दबे हैं। इसके बावजूद अतिरिक्त पटवार मण्डलों के बीच फंसे हुए हैं। अतिरिक्त पटवार मण्डल के दर्जनों गांव में घूमकर काम करने के बदले में उन्हें प्रतिदिन 225 रुपए भत्ता मिलता है। इस राशि से अधिक का वो आने-जाने में पेट्रोल खर्च कर देते हैं। बाकी का खर्चा उन्हें जेब से वहन करना पड़ता है। पटवार मण्डल स्तर पर केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं व मिशन को धरातल पर लागू करने का कार्य भी पटवारियों की ओर से किया जाता है। कार्य की अधिकता के कारण कब सुबह से शाम हो जाती है, इसका पता नहीं चलता है। ऐसे में अतिरिक्त पटवार मंडलों के कार्यों के साथ अधिकारियों की रात्रि चौपाल, गुरुवार की सुनवाई सहित राज्य सरकार की ओर से होने वाले विशेष शिविरों के चलते विभिन्न कार्य करने में पटवारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं कम भत्ता और अतिरिक्त कार्य भार के चलते कुछ पटवारी तो पटवार मंडलों में ही नहीं जाते हैं, बल्कि शहर में एक स्थान निर्धारित कर बैठते हैं। वहीं पर कास्तकारों को बुलाते हैं। इससे कास्तकारों की भी परेशानी बढ़ रही है।
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जानिये... पटवारियों के जिम्मे यह कार्य
पटवारियों की ओर से सीमाज्ञान, राजस्व रिकॉर्ड की नकलें, पत्थर गढ़ी, गिरदावरी, नामांतरण, जन्म मृत्यु, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र रिपोर्ट, बंटवारा, भूमि जोत विभाजन, राजस्व वसूली व आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न राजस्व कार्य पटवारियों की ओर से किए जाते हैं। साथ ही पटवार मण्डल स्तर पर पहले से ही पटवारियों के जिम्मे विभिन्न योजनाओं व आमजन से जुड़े अनेक कार्य हैं। ऐसे में अतिरिक्त पटवार मण्डलों के कार्य सौंपे जाने से पटवारियों को फिल्ड में दिनभर भागदौड़ करनी पड़ रही है। इसके कारण उनके मूल काम प्रभावित होते हैं।
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दूर के पटवार मंडलों में पटवारी गायब
पहले तो 225 रुपए में कई गांवों में जाकर राजस्व कार्य करना कठिन है ऊपर से दूर के पटवार मण्डल होने के कारण पटवारियों को बहुत परेशानी हो रही है। सरकार को चाहिए कि वो अतिरिक्त चार्ज वाले पटवार मण्डलों का पर्याप्त भत्ता इत्यादि देना चाहिए। लेकिन दूसरा पहलू यह भी है कि दूर के पटवार मंडलों में पटवारी जाते ही नहीं है, बल्कि कास्तकारों को ही उनकी तलाश करते हुए शहर में उनके घरों तक आना पड़ता है। शिविरों में इस तरह की शिकायतें भी आती हैं।
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...275 पटवार मंडल में सिर्फ 175 पटवारी
आंकड़ों के अनुसार भरतपुर जिले में 275 पटवार मंडल है। इसमें कार्यरत 154 और 21 ट्रांसफर होकर आए हैं। इनकी ज्वाइनिंग होनी है। 175 कुल पटवारी है। वर्तमान में 121 पद रिक्त है। 21 ट्रांसफर होकर आए है। इनकी ज्वॉइनिंग होने के बाद खाली पद 100 रह जाएंगे।
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Updated on:
30 Jul 2026 06:00 am
Published on:
30 Jul 2026 06:00 am