
भरतपुर. राजस्थान सहकारी कर्मचारी संघ की ओर से लंबे समय से चली आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन देकर प्रदर्शन किया गया। साथ ही आरोप लगाया कि पिछले एक साल से ग्राम सेवा सहकारी समिति के कार्मिकों को वेतन नहीं मिल रहा है। इससे कर्मचारी सुसाइड कर रहे हैं।
ज्ञापन में कहा है कि संगठन की ओर से लगातार मांग की जा रही हैं कि प्रदेश की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में नियुक्त कार्मिको की स्क्रीनिंग करते हुए नियोक्ता निर्धारण तथा वेतन विसंगतियों को लेकर लगातार पत्र व्यवहार के माध्यम से अवगत कराया जा रहा हैं। राजस्थान प्रदेश की समस्त ग्राम सेवा सहकारी समितियों में नियुक्त कार्मिको की स्क्रीनिंग से स्थाईकरण करते हुए स्क्रीनिंग में लगाई गई समिति की लाभ हानि की शर्त को हटाया जाए। कार्मिको का नियोक्ता निर्धारण करते हुए बैंक कर्मचारी अथवा राज्य कर्मचारी बनाया जाए। समितियों में नियुक्त कार्मिको को मजबूत करने के लिए वेतन विसंगतियों में सुधार किया जाए। इससे प्रत्येक माह की निश्चित दिनांक को कार्मिकों को वेतन भुगतान हो सके। आर्थिक सहायता के लिए प्रबंधकीय अनुदान हेतु लेम्पस को 15 लाख व पैक्स को 10 लाख प्रति संस्था फंड की व्यवस्था लागू की जाए। चारों बिन्दुओं पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए आदेश प्रसारित नहीं हो जाते तब तक सम्पूर्ण राजस्थान प्रदेश की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत कार्मिकों की ओर से सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया हैं। जिले के कनावर ग्राम सेवा सहकारी समिति के सहायक व्यवस्थापक स्व. सुरजीत सिंह की ओर से आर्थिक स्थिति से परेशान होकर आत्महत्या कर ली हैं। प्रदेश में अब तक यह संख्या तीन हो चुकी हैं। चूंकि राजस्थान प्रदेश की ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कार्मिको को करीब एक वर्ष से वेतन न मिलना चिन्ता का विषय हैं। जब प्रदेश की 7133 के लगभग ग्राम सेवा सहकारी समितियों के रात लगे हुए कार्मिकों को 32 लाख किसानों की सेवा का जिम्मा दिया जाता है। उनको खाद कि सहकारी अल्पकालीन फसली ऋण वितरण, राज सहकार बीमा योजना, सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना, प्रधानमंत्री फसली बीमा योजना, किसानों को बीज एवं कीटनाशक वितरण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकारी राशन वितरण (पीडीएस), न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद केन्द्र का कार्य न्यूनतम समर्थन मूल्य गौण मंडी का कार्य, राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना ऋण माफी की सफल क्रियान्विति, राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना आपदा अनुदान वितरण, ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय कार्य मिनी बैकों का संचालन, सरकारी योजना के तहत नरेगा कार्मिकों की मजदूरी का भुगतान, सरकारी पेंशन धारियों को पेंशन भुगतान आदि का कार्य सौंपा जाता है। ऐसे में सरकार को भी कार्मिकों की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
15 सदस्यीय पैनल का किया गठन
पुरस्कृत शिक्षक फोरम राजस्थान जिला शाखा की बैठक जिला कार्यालय पर की गई। इसमें सक्रिय सदस्यों में से 15 सदस्यीय पैनल का गठन किया गया। पैनल में गोपेश कुमार शर्मा, रामवीर सिंह, लक्ष्मण सिंह, समीमुद्दीन, अनुराग राजौरिया, रामवीर सिंह, महेन्द्र कुमार शर्मा, बृजभूषण शर्मा, सुनीता शर्मा, निर्मला भंडारी, पूनम चतुर्वेदी, दिनेश पाराशर, राजेश कटारा, सोनवीर सिंह व लाखन सिंह को सक्रिय भागीदारी निभाने के साथ-साथ संगठन की मजबूती के लिए जिम्मेदारियां सौंपी गई। बैठक में पुरस्कृत शिक्षकों के लिए अन्य राज्यों की तरह दो अतिरिक्त वेतनवृद्धि की मांग राज्य सरकार से की गई।