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Bharatpur : पत्नी ने शहीद पति दयाराम गुर्जर के पार्थिव शरीर को दिया कांधा, बेटे ने दी मुखाग्नि, नम आंखों से दी अंतिम विदाई

Rajasthan : सेना में हवलदार दयाराम गुर्जर का पार्थिव शरीर जैसे घर पहुंचा तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। पत्नी बबलेश गुर्जर ने अपने शहीद पति के पार्थिव शरीर को कांधा दिया और श्मशान तक लेकर गई। जहां बेटे ने मुखाग्नि दी।
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Bharatpur bayana Army man Martyr Dayaram Gurjar cremated with military state honours

Martyr Dayaram Gurjar : अंतिम विदाई देते गांव के लोग व अन्य, इनसेट में शहीद दयाराम गुर्जर। फोटो पत्रिका

Rajasthan : भरतपुर के बयाना के गढ़ी बाजना थाना क्षेत्र के दर्र क्षेत्र के बरहाना निवासी अमर शहीद दयाराम गुर्जर (36 वर्ष) का पार्थिव शरीर मंगलवार को जैसे ही पैतृक गांव में पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। इस मौके पर ग्रामीणों ने भारत माता की जय और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। जगह-जगह पर स्कूल के बच्चों ने रोड के दोनों तरफ खड़े होकर भारत माता की जय के नारे लगाए। जैसे ही पार्थिव शरीर घर में पहुंचा तो पूरा माहौल गम में परिवर्तित हो गया। सभी लोगों की आंखें उस वक्त नम हो गई जब पत्नी बबलेश गुर्जर ने अपने शहीद पति को कांधा दिया और श्मशान तक लेकर गई। शहीद को उनके बेटे ने मुखाग्नि दी और वो बार-बार अपने पिताजी को याद करके रोने लगा।

भरतपुर के बयाना के पैतृक गांव में दयाराम गुर्जर का सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में हजारों ग्रामीण, पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि और सेना के अधिकारी शामिल हुए। पूरे गांव ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।

हार्ट अटैक से हुई मृत्यु

दयाराम गुर्जर भारतीय सेना की 16 राजपूत यूनिट में वर्ष 2010 से सेवारत थे। वर्तमान में उनकी तैनाती दिल्ली में थी। रविवार रात वे सेना की ड्यूटी के तहत दिल्ली से पंजाब जा रही ट्रेन में पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया। साथियों ने तत्काल उपचार की व्यवस्था की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

सोमवार को जवान के निधन की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार सुबह सेना के वाहन से उनका पार्थिव शरीर गांव लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। भारत माता की जय और वीर जवान अमर रहें के नारों के बीच सेना के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। फिर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

एक पुत्र और दो पुत्रियां छोड़ गए

पूर्व सैनिक संघ बयाना के अध्यक्ष बलराम कांवर ने बताया कि दयाराम गुर्जर की मूल यूनिट 16 राजपूत है, जिसका मुख्यालय लखनऊ में है। वे अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके असमय निधन से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी

अंतिम संस्कार के वक्त बयाना विधायक डॉ. ऋतु बनावत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा, तहसीलदार नीतेश कुमार गोयल, गढ़ी बाजना थाना प्रभारी श्यामलाल मीणा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपस्थित लोगों ने कहा कि दयाराम गुर्जर का राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा सदैव प्रेरणा देती रहेगी।