हैरान करने वाली खबर। एक बंदर की मृत्यु हो जाने के बाद पूरा कस्बा व्याकुल हो गया और जमकर रोया। उसकी शव यात्रा निकाली। फिर हिंदू रीति रिवाज से अंतिम विदाई की।
हैरान करने वाली खबर। एक बंदर की मृत्यु हो जाने के बाद पूरा कस्बा व्याकुल हो गया और जमकर रोया। उसकी शव यात्रा निकाली। फिर हिंदू रीति रिवाज से अंतिम विदाई की। मामला राजस्थान के भरतपुर के कस्बा वैर के भरतपुर गेट पर एक वृद्ध बंदर बीमार हो गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने मानव सेवा का धर्म निभाते हुए बंदर का हिंदू रीति रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया।भरतपुर गेट के स्थानीय निवासी गोलू, कृष्णा, अभिषेक, बबीता, नीरज, विष्णु, मोहित, सचिन मनोज आदि ने पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ बंदर की अर्थी सजाकर शव यात्रा निकाली। उसके बाद बंदर की समाधि लगाने का फैसला किया। फिर बंदर की शव यात्रा निकाल कर अंतिम विदाई दी गई।
बंदर की शव यात्रा देखने भीड़ भी एकत्रित हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया की बंदर वृद्ध हो गया था।जिसका चिकित्सक बुलाकर उपचार भी कराया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।सनातन धर्म में बंदर को बजरंगबली का रूप माना गया है और इसी के चलते स्थानीय लोगों ने अपनी आस्था को प्रदर्शित करते हुए विधि विधान से बंदर का अंतिम संस्कार किया।
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