डिप्रेशन की शिकार एक महिला ने रविवार को दोपहर अपनी 10 साल की बेटी को लेकर शहर की सुजान गंगा नहर में मंशा देवी मंदिर के निकट छलांग लगा दी। जिससे सुजान गंगा के गहरे पानी में डूब जाने के कारण मां-बेटी दोनों की मौत हो गई।
भरतपुर. डिप्रेशन की शिकार एक महिला ने रविवार को दोपहर अपनी 10 साल की बेटी को लेकर शहर की सुजान गंगा नहर में मंशा देवी मंदिर के निकट छलांग लगा दी। जिससे सुजान गंगा के गहरे पानी में डूब जाने के कारण मां-बेटी दोनों की मौत हो गई।
सूचना मिलने पर थाना कोतवाली पुलिस ने मछली मोहल्ला के गोताखोरों की मदद से दोनों के शव बाहर निकलवाए। और शिनाख्तगी के बाद जिला आरबीएम अस्पताल में पोस्टमार्टम कार्रवाही के करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए। एएसआई चंद्रशेखर ने बताया कि सुजान गंगा नहर के गहरे पानी में डूब जाने से कमला रोड बड़ा मोहल्ला निवासी योगिता (34) पत्नी हीरासिंह जाटव व उसकी पुत्री खूबी कुमारी (10) की मौत हुई है।
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मृतका योगिता के पति हीरासिंह ने बताया कि वह सेटरिंग का कार्य करता है। सुबह अपने काम पर चला गया। दोपहर को योगिता बेटी को अपने साथ लेकर बेटे से बाजार जाने की कहकर गई। काफी देर तक नहीं लौटी तो उनको तलाश किया, लेकिन नहीं मिली। कुछ देर बाद एक परिचित का फोन आया कि यहां सुजान गंगा नहर में उनके शव मिले हैं।
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हीरासिंह ने बताया कि योगिता मानसिक रूप से बीमार थी, पिछले 6 साल से उसका जयपुर में ईलाज चल रहा था। वह अक्सर चिंता जताया करती थी कि मेरे मरने के बाद बच्चों का क्या होगा। उसके एक बेटा निश्चय (12) भी है। घटना को लेकर मृतका के पति हीरासिंह ने थाना कोतवाली पुलिस में मर्ग रिपोर्ट दर्ज कराई है।