
भरतपुर. सेवा, सुरक्षा और सहयोग का दम भरने वाली पुलिस की जमीनी हकीकत गुरुवार देर रात देखने को मिली। कस्बे का मुख्य बाजार हो या बिजलीघर चौराहा, हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था। लोगों को सुरक्षा का आभास दिलाने के लिए जगह-जगह पुलिस के बैरिकेड तो लगे थे, लेकिन पुलिसकर्मी कोई नहीं था। राजस्थान पत्रिका की टीम ने रात 12 बजे से दो बजे तक कस्बे की सुरक्षा व्यवस्था का हाल जाना। इसमें जो निष्कर्ष निकला वह यह था कि सुरक्षा का दावा करने वाली पुलिस किसी भी नाके या मुख्य बाजार में नजर नहीं आई। हालांकि रेडक्रॉस सर्किल व कुम्हेर गेट चौराहे पर तीन-तीन पुलिसकर्मी अलाव तापते अवश्य नजर आए। हालांकि एक भी जगह थाने की पुलिस गश्त कहीं भी नजर नहीं आई, लेकिन कोई भी यह पूछने वाला नहीं था कि रात में कहां घूम रहे हो। यानी कि न पुलिस और न आम आदमी।
तो क्या...नाम के ही हैं ये चारों मंत्री
राजनीति में दबदबा कायम रखने की बात हो या अपराध में, दोनों में ही भरतपुर का नाम प्रदेशभर में सुर्खियों में रहता है। जहां अब तक भरतपुर को तीन मंत्रियों वाले जिले का खिताब मिला हुआ था, अब वह चार मंत्रियों वाले जिले में शामिल हो चुका है। पत्रिका की रिपोर्ट में सामने आई पुलिस की इस हकीकत पर नजर डालें तो सामने आता है कि अगर दो कैबीनेट मंत्री व दो राज्यमंत्रियों की मौजूदगी के बाद भी जिला मुख्यालय स्थित शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जा सकता तो स्थिति चिंताजनक है। चूंकि सुरक्षा ही सबसे पहला काम होना चाहिए।
कहां क्या हकीकत आई सामने
1. रात एक बजकर दो मिनट पर रेल पुलिस चौकी बंद पड़ी हुई थी। सामने से होकर वाहन व बाइक सवार आसानी से निकल रहे थे। कोई पूछने वाला नहीं था। पास में दो शराबी आपस में लड़ रहे थे।
2. रात 12 बजकर 45 मिनट पर मथुरा गेट पुलिस चौकी बंद पड़ी हुई थी। इस इलाके में सबसे ज्यादा चोरियां होती हैं, लेकिन गश्त के नाम पर इस इलाके में व्यवस्था शून्य नजर आती है।
3. रात 12 बजकर 55 मिनट पर बिजलीघर चौराहा सूना पड़ा हुआ था। यह शहर का सबसे व्यस्त रहने वाला चौराहा है। इस इलाके में देर रात तक मथुरा गेट थाने के पीछे खुलेआम अवैध शराब की बिक्री होती है।
4. रात 12 बजकर 59 मिनट पर चौबुर्जा पुलिस चौकी बंद पड़ी हुई थी। चौबुर्जा पर पहले पुलिसकर्मी तैनात रहते थे, लेकिन अब कोई नहीं है। इसके पास चौदह महादेव गली के इलाके में आए दिन चोरियां हो रही हैं।
5. रात 12 बजकर 15 मिनट पर हीरादास बस स्टैंड पर पहुंचे तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। इस इलाके में भी आए दिन मारपीट व झगड़े होते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति दिखाई दी।
6. रात 12 बजकर 10 मिनट पर कुम्हेर गेट चौकी बंद पड़ी हुई थी। यह चौकी रात के समय ही नहीं दिन में भी ज्यादातर बंद ही पड़ी रहती है।
7. रात 12 बजकर आठ मिनट पर लक्ष्मण मंदिर बाजार भी सूना पड़ा था। जहां किसी के आने-जााने पर कोई रोक नहीं थी। जबकि पास में ही कोतवाली थाना है।
8. रात एक बजकर 34 मिनट पर रेलवे स्टेशन से लेकर रेडक्रॉस सर्किल तक के बीच के इलाके में सूना पड़ा रेलवे स्टेशन व एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
अब जिम्मेदारों की सुनिए
-पुलिस की माकूल व्यवस्था है। अगर कोई कमी है तो सभी एसएचओ को पाबंद किया जाएगा। जहां आवश्य लगता है वहां और पुलिस लगाई जाएगी। गश्त व्यवस्था पर भी नजर रखी जाएगी।
देवेंद्र कुमार विश्नोई
एसपी