CG News: एक इंजेक्शन वेल यूनिट की लागत 6.22 लाख रुपए होगी। इसमें तकनीकी कार्यों के साथ-साथ दो वर्षों का रखरखाव खर्च भी शामिल है।
CG News: शहरी क्षेत्रों में लगातार गिरते भू-जल स्तर को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार बड़ी योजना पर काम शुरू करने जा रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के तहत शहर में इनोवेटिव वी-वायर टेक्नोलॉजी आधारित सात इंजेक्शन वेल स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने नगर निगम से प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए हैं।
सूडा द्वारा जारी मानक प्राक्कलन के अनुसार, एक इंजेक्शन वेल यूनिट की लागत 6.22 लाख रुपए होगी। इसमें तकनीकी कार्यों के साथ-साथ दो वर्षों का रखरखाव खर्च भी शामिल है। इस प्रणाली के माध्यम से वर्षा जल को फिल्टर कर सीधे जमीन में पहुंचाया जाएगा, जिससे बोरवेल रिचार्ज होंगे और पेयजल संकट में कमी आएगी।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि वी-वायर टेक्नोलॉजी आधारित इंजेक्शन वेल से ग्राउंड वाटर रिचार्ज प्रभावी ढंग से होगा। यह तकनीक गिरते भू-जल स्तर की समस्या से निपटने में मददगार साबित होगी।
सूडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने नगर निगम आयुक्त को पत्र भेजकर तीन दिनों के भीतर इंजेक्शन वेल स्थापना के लिए स्थल चयन सहित प्रस्ताव भेजने को कहा है। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि चयनित स्थल पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त होना चाहिए तथा वहां पर्याप्त मात्रा में वर्षा जल का भराव संभव हो। प्रस्ताव के साथ एमआईसी का संकल्प संलग्न करना भी अनिवार्य किया गया है।