Sachin Tendulkar: क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के लिए जुनून की हद तक प्रशंसा का भाव रखने वाले अभिषेक विगत 8 वर्ष से लगातार एक लक्ष्य को लेकर सक्रिय थे और अंतत: अब जाकर उन्हें सफलता मिली है।
Sachin Tendulkar: मास्टर ब्लास्ट भारत रत्न सचिन तेंदुलकर के आत्मीय प्रशंसक और इस्पात नगरी भिलाई के जाने माने लेखक अभिषेक अग्रवाल की 8 साल की मेहनत रंग लाई है। क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के लिए जुनून की हद तक प्रशंसा का भाव रखने वाले अभिषेक विगत 8 वर्ष से लगातार एक लक्ष्य को लेकर सक्रिय थे और अंतत: अब जाकर उन्हें सफलता मिली है। 15 मार्च को राजधानी रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर न सिर्फ अभिषेक से मिले बल्कि उनसे आत्मीय चर्चा भी की और अभिषेक के दिए उपहार को खुशी-खुशी स्वीकार भी किया।
सचिन ने अभिषेक की कोशिशों की सराहना करते हुए खास शुभकामना संदेश दिया है। सचिन से यादगार मुलाकात के बाद उनका कहना है कि यह एक सपने के सच होने की तरह है और इस पल को वह कभी नहीं भूल पाएंगे। आम्रपाली वनांचल सिटी निवासी अभिषेक अग्रवाल पेशे से अंग्रेजी के लेखक हैं और उनकी लिखी किताबें बेस्ट सेलर का दर्जा रखती हैं। अभिषेक अग्रवाल की सचिन तेंदुलकर के प्रति दीवानगी बचपन से ही थी लेकिन उनसे मिलने का प्रयास 8 वर्ष पहले शुरू किया।
पत्रकारों से चर्चा में अभिषेक बताते हैं कि 2016 में टीवी पर क्रिकेट मैच देखते हुए मन में इच्छा हुई कि अपने ‘हीरो’ सचिन से कुछ अनूठे तरीके से मिलना चाहिए। अभिषेक ने बताया कि आमतौर पर फैन अगर अपने किसी चहेते किरदार से मिलते हैं तो फोटो खिंचवाते और ऑटोग्राफ लेकर अलग हो जाते हैं लेकिन वह चाहते थे कि सचिन तेंदुलकर से वह कुछ अलग और अनूठे ढंग से मिले। हालांकि जब अभिषेक ने इसके लिए प्रयास शुरू किया तो पता चला कि सचिन तो ऐसे किसी से मिलते नहीं है। फिर भी अभिषेक अपने लक्ष्य को पाने के लिए जुटे रहे।
अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने सचिन को समर्पित एक खास एलबम बनाने का इरादा किया। जिसमें सचिन के जन्म से लेकर क्रिकेट के करियर तक के तमाम घटनाक्रम को पिरोते हुए आकर्षक ढंग से एलबम तैयार किया। इसके लिए अभिषेक ने सचिन की 100 सेंचुरी को आधार बनाया और जिन तिथियां में सचिन ने सेंचुरी बनाई उन तिथियां से जुड़े नंबर के आधार पर करेंसी नोट इकट्ठा किए। इसके पीछे वजह यह थी कि सचिन की जर्सी नंबर 10 है और सचिन का लकी नंबर 10 है। इसलिए अभिषेक ने 10 रुपए के नए नोट इकट्ठा करना शुरू किया।