
Hemchand University: बार-बार हो रही हैकिंग से तंग आकर आखिरकार हेमचंद विश्वविद्यालय ने अपनी वेबसाइट का स्वरूप बदल दिया है। वेबसाइट को अपडेट करने के साथ ही साथ इसकी सुरक्षा को लेकर नए बदलाव किए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावा किया है कि नई वेबसाइट के जरिए हैकिंग जैसे जोखिमों में कमी आएगी।
इसके अलावा विश्वविद्यालय की वेबसाइट का यूजर इंटरफेस भी पहले से आसान किया गया है। होमपेज पर ही विद्यार्थियों की सुविधा के लिए सभी जरूरी लिंक बटन जोड़े दिए गए हैं। इसमें स्टूडेंट्स सेक्शन, एग्जाम सेक्शन, ई-समाधान, ऑनलाइन स्टडी मटेरियल, अकादमिक कैलेंडर, टाइम-टेबल के बटन सामने दे दिए गए हैं। इसके अलावा संबद्ध कॉलेजों की जानकारी और कॉलेज पोर्टल भी जोड़ा गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले तीन महीनों में हेमचंद यादव विवि की वेबसाइट को पाकिस्तानी हैकर्स ने तीन बार हैक किया है। इससे विवि पर लगातार सवाल उठ रहे थे। आखिरकार विवि ने इसमें संज्ञान लिया और पूरी वेबसाइट ही नई सिरे से अपडेट कर दी।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट का यूजर इंटरफेस बदलने के साथ ही इसमें सुरक्षा के लिहाज से कई बदलाव किए गए हैं। अब वेबसाइट क्लाउड पर है। इससे हैकिंग की संभावना बेहद कम है। विश्वविद्यालय का पूरा डेटाबेस पहले से ही क्लाउड पर रखा गया है, जिससे हैक नहीं किया जा सकता।
भूपेंद्र कुलदीप, कुलसचिव, हेमचंद विश्वविद्यालय
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की यह वेबसाइट थर्ड पार्टी एजेंसी ने तैयार की है। एजेंसी बाहरी है, जिसके कुछ लोग हेमचंद विश्वविद्यालय में रहकर कामकाज देखते हैं। यही एजेंसी विश्वविद्यालय के प्री और पोस्ट एग्जाम से जुड़े कामकाज भी संभालती है। इसी एजेंसी की जिम्मेदारी काॅंलेज एडमिशन फॉर्म और परीक्षा आवेदन की ऑनलाइन स्तर पर व्यवस्था करना भी है। इसी एजेंसी ने अब वेबसाइट की सुरक्षा पुख्ता करने दावा किया है, साथ ही वेबसाइट को आसान बनाया है।
हेमचंद विवि की परीक्षा एजेंसी ने बताया कि विवि की वेबसाइट को प्लेन एचटीएमएल पर बनाया गया था, जिससे इसकी सुरक्षा बहुत अधिक नहीं थी। अब वेबसाइट को नए तरीके से अपडेट किया गया है, जिसमें वेबसाइट क्लाउड पर डाल दी गई है। क्लाउड पर होने की वजह से अब वेबसाइट को हैक करना बेहद मुश्किल होगा।
विवि प्रशासन ने कहा कि वेबसाइट के इंटरफेस को छात्रों की सुविधा के हिसाब से रखा गया है, ताकि किसी भी लिंक बटन के लिए बार-बार क्लिक न करना पड़े।
पाकिस्तान के हैकर्स लगातार हेमचंद विवि की वेबसाइट को हैक कर रहे थे। सबसे पहले सात जुलाई को हैक की गई थी। इसमें हैकर्स ने होमपेज पर भारत विरोधी नारे लिखे थे। साथ ही भारतीय सेना पर अभद्र टिप्पणी की थी। इसके अगस्त में भी दो बार हैकर्स ने विश्वविद्यालय की वेबसाइट को निशाना बनाया। तब वेबसाइट को शटडाउन करके स्थिति को संभाला गया था।