
भिलाई. स्मृति नगर स्थिति अपोलो बीएसआर अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टरों को पिछले दो-ढाई सालों से वेतन ही नहीं दिया है। इसलिए आर्थिक तंगी से जूझ रहे सभी सीनियर और जूनियर डॉक्टर गुरुवार को मौन हड़ताल पर बैठ गए। ह्दय रोग विशेषज्ञों में से एक डॉ. दिलीप रतनानी भी इनमें से एक हैं। अस्पताल प्रबंधन ने इनके वेतन स्वरूप दो वर्षों का करीब 2 करोड़ रुपए रोके रखा है। यही नहीं अस्पताल में २५ डॉक्टर हैं, जो अपने वेतन के लिए तरस रहे हैं। हाल ये है कि जिनका वेतन बकाया लाखों रुपए है, प्रबंधन उनके खाते में महज कुछ हजार रुपए डालकर मामले को शांत करता आ रहा है।
जिम्मेदार सामने ही नहीं आए
मौन प्रदर्शन के दौरान सभी डॉक्टरों ने हाथ में बैनर, पोस्टर लिए प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। बड़ी बात यह भी है कि डॉक्टरों के प्रदर्शन के दौरान अस्पताल प्रबंधन का कोई भी जिम्मेदार सामने नहीं आया। सभी डॉक्टर सुबह से शाम तक डटे रहे, लेकिन उनकी बात किसी ने नहीं सुनी। अस्पताल प्रबंधन के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। यहां तक की अस्पताल के सीएमडी डॉ. एमके खंडूजा भी डॉक्टरों से मिलने नहीं पहुंचे। बहरहाल, डॉक्टरों की तकलीफ देखते हुए अब छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) ने उनके जायजा मांगों का समर्थन किया है और आगामी दिनों में बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन और आंोलन किया जाएगा।
सभी को मिलकर कुल 7 करोड़ बकाया
डॉ. दिलीप रतनानी और डॉ. पीके खान ने बताया कि यदि प्रबंधन ने वेतन जारी करने की प्रक्रिया में और विलंब किया तो सभी डॉक्टर पेन-डाउन करेंगे। यही नहीं मामले की सूचना जिला प्रशासन, श्रम आयुक्त और पुलिस को भी दी जाएगी। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल के सभी कंसलटेंट और सीनियर-जूनियर डॉक्टरों के वेतन को मिलाकर करीब ७ करोड़ रुपए बकाया है, जिसे प्रबंधन ने अब तक नहीं दिया। आफत यह भी है कि इन सभी के सामने अब वित्तीय संकट पैदा हो गया है। प्रदर्शन के दौरान डॉ. दास गुप्ता, डॉ. पीएन शर्मा, डॉ. दिलीप रतनानी, डॉ. विजय वच्छानी, डॉ. सेन गुप्ता, डॉ. पी. वाधवा, रेखा रत्नानी आदि मौजूद रहे।