
भिलाई. शहर में डेंगू का इतना प्रकोप बढ़ गया है कि अब तक दो लोगों की मौत हो गई। डेंगू के पॉजिटिव की संख्या भी दो सौ से पार हो चुकी है। हालात यह है कि निजी अस्पतालों में सबसे ज्यादा बुखार के ही मरीज पहुंच रहे हैं। बुखार कैसा भी हो सबसे पहले उसका इलाज जरूरी है,लेकिन इन सब के साथ कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे हैं जिसे अपनाकर डेंगू से बचाव किया जा सकता है और डेंगू पीडि़त भी इसे अपनाकर जल्दी स्वस्थ हो सकते हैं।
सिर्फ तरल चीजें ही खाने में दें
0 डेंगू के मरीज की केयर सबसे ज्यादा जरूरी है। इसलिए मरीज को खूब आराम करने दें।
0 डेंगू के मरीज को हल्का और तरल पदार्थ ही भोजन में दें। खूब पानी पिलाएं और पौष्टिक चीजें ही खिलाएं
0 अगर मरीज को लगातार उलटी हो रही तो सिर्फ तरल चीजें ही खाने में दें।
0 घर पर अगर किसी को बुखार आ गया हो तो बुखार की दवाई का डोज लेने से बचे और पहले ठंडे पानी के शरीर को पोंछकर बुखार उतारने की कोशिश करें।
तुलसी और शहद का उपयोग करें
0 बुखार ज्यादा तेज हो तो मरीज को ठंडे पानी से नहला दें, ताकि बुखार जल्दी उतर जाए।
0 खाने में जितना हो सकें विटामिन सी वाली चीजों का इस्तेमाल करें। जैसे आंवला, संतरा, मौसंबी, अनार आदि, इससे रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ेगी
0 भोजन में किसी ना किसी तरीके से हल्दी का इस्तेमाल ज्यादा करें। जैसे हल्दी वाला दूध आदि।
0 डेंगू से बचाव करने तुलसी और शहद का उपयोग करें। पानी में तुलसी उबालकर उसमें शहद डालकर पीएं।
0 पतीते के पत्ते का रस भी डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाने काफी कारगर है। दिन में दो बार 2 से 3 बार दो-दो चम्मच पीया जा सकता है।
गिलोय डेंगू में अमृत के समान
0 डेंगू बुखार के दौरान शरीर में होने वाली खून की कमी को पूरा करने अनार का भी सेवन करना जरूरी है। इसमें विटामिन ई, सी, ए और फोलिक एसिड होता है। जो काफी फायदेमंद साबित होता है।
0 गिलोय डेंगू में अमृत के समान है। डेंगू से बचने गिलोय का इस्तेमाल किया जा सकता है। तुलसी के साथ इसका काढ़ा बनाकर पीने से यह डेंगू से बचाव करता है।