रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा की छाया नहीं पड़ेगी। यानी इस बार बहनें अपनी सहुलियत के हिसाब से सुबह पौने आठ बजे से रात 11 बजे तक कभी भी अपने भाई को राखी बांध सकेंगी।
भिलाई . भाई-बहन के प्यार के प्रतीक रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा की छाया नहीं पड़ेगी। यानी इस बार बहनें अपनी सहुलियत के हिसाब से सुबह पौने आठ बजे से रात 11 बजे तक कभी भी अपने भाई को राखी बांध सकेंगी। हर बार भद्रा की वजह से रक्षाबंधन के लिए बहनों को कई घंटे का इंतजार करना होता था, लेकिन इस बार चौघडि़ए के सभी मुहूर्त अच्छे है। पंडित उमेश भाई जानी ने बताया कि रक्षा बंधन के लिए अमृत मुहूर्त श्रेष्ठ है, लेकिन इसके साथ ही अन्य मूहूर्त में रक्षाबंधन की रस्म करना काफी फलदायक है। उन्होंने बताया कि केवल दोपहर साढ़े 12 बजे से दो बजे तक रक्षाबंधन का कोई मुहूर्त नहीं है,लेकिन उसके बाद रात 11 बजे तक शुभ समय है।
पहला मुहूर्त सुबह पौने आठ बजे का
रक्षाबंधन के लिए पहला मुहूर्त चौघडि़ए के हिसाब से सुबह चर मुहूर्त में रहेगा। जो सुबह 7 बजकर 43 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट तक होगा। वहीं दूसरा श्रेष्ठ मुहूर्त लाभ का सुबह 10 बजकर53 मिनट से 12 बजकर 28 मिनट तक होगा। इसके बाद रक्षाबंधन के लिए भाई-बहन को करीब डेढ़ घंटे का इंतजार करना होगा। शुभ काल दोपहर 2 बजकर 3 मिनट से 3 बजकर 38 मिनट तक होगा। जबकि 3 बजकर 38 मिनट से शाम पौने सात बजे तक बीच में फिर कोई मुहूर्त नहीं होगा।
शाम को भी शुभ मुहुर्त
राखी बंधवाने शाम पौने सात बजे से लेकर 8 बजकर 13 मिनट तक फिर से शुभ काल आएगा। जिसमें राखी बांधना श्रेष्ठ होगा। वहीं अमृत काल 8 बजकर 13 मिनट से 9 बजकर 38 मिनट तक होगा और चर काल में 9 बजकर 38 मिनट से 11 बजकर 3 मिनट तक राखी बंधवाई जा सकेगी।
होगी सहूलियत
रक्षाबंधन के लिए दिनभर मुहूर्त होने की वजह से भाई और बहन दोनों को सहुलियत होगी। खासकर दूसरे शहर तक जाकर राखी बंधावाने वाले भाई बहन शाम तक भी घर पहुंचकर इस पवित्र पर्व को आसानी से मना सकेंगे। दोपहर साढ़े 12 बजे से दो बजे तक रक्षाबंधन का कोई मुहूर्त नहीं है,लेकिन उसके बाद रात 11 बजे तक शुभ समय है।