भिलाई

Video : बोनस को लेकर सीटू ने लहराया लाल झंडा, बरसते पानी में खड़े होकर मांगा हक

पिछले वर्ष से ज्यादा बोनस तय करने की मांग को लेकर भिलाई सहित सेल के सभी इकाइयों में बुधवार को प्रदर्शन किया।
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Updated: 20 Sep 2017, 3:43 PM IST
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भिलाई. बीएसपी कर्मियों को धारा 31 ए के तहत उत्पादन, उत्पादकता के नियम से स्कीम बनाकर एनवल प्रोडेक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (एपीएआईएलएस) से बोनस दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए प्रबंधन से चर्चा करना जरूरी है। २६ सितंबर २०१७ को दिल्ली में इसको लेकर बैठक है, जिसमें इन विषयों को प्रमुखता से रखा जाएगा। बोरिया गेट में प्रदर्शन बुधवार को यूनियन ने इस वजह से ही किया है। सीटू के अध्यक्ष एसपी डे ने यह बात कही।

सीटू नेता ने बताया कि स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 16 सितंबर २०१७ को कोलकाता की बैठक में तय किया था कि उत्पादकता के आधार पर बोनस तय करने के लिए जल्द से जल्द बैठक बुलाना चाहिए। पिछले वर्ष से ज्यादा बोनस तय करने की मांग को लेकर भिलाई सहित सेल के सभी इकाइयों में बुधवार को प्रदर्शन किया।

बैठक बुलाने की किए थे मांग
दिल्ली में 24 अगस्त २०१७ को प्रोडक्शन- प्रोडक्टिविटी की बैठक में सीटू के महासचिव तपन सेन ने बोनस पर चर्चा करने के लिए तारीखतय करने को कहा, तो प्रबंधन ने बहुत जल्द ही बैठक बुलाने की बात कही। बोनस संबंधी बैठक बुलाने में हो रही देरी के कारण 12 सितंबर २०१७ को पीके दास ने डारेक्टर पर्सनल, डारेक्टर फायनेंस और ईडी पीएंडए से बात की थी। जिसमें प्रबंधन ने बोनस देने के संबंध में सकारात्मक बात कही।

टालता रहा प्रबंधन
प्रबंधन इसके बाद भी बैठक बुलाने में देरी कर रहा था। फेडरेशन ने प्रबंधन से बोनस पर चर्चा करने के लिएजल्द बैठक बुलाने व बेहतर बोनस तय करने के लिए सभी इकाइयों में प्रदर्शन का निर्णय लिया। भिलाई में 14 सितंबर को सेल चेयरमेन को पत्र लिख कर बैठक बुलाने की मांग की थी।

कर्मियों का गिरता है मनोबल
प्रबंधन की बोनस के प्रति लेट लतीफी व नकारात्मक रवैया अपनाने के कारण कर्मियों का मनोबल गिरता है व हतोत्साहित होते हैं। जिसका प्रभाव उनके कार्यस्थल पर पड़ता है। अभी तक सेल को हजारों करोड़ का नुकसान हो चुका है, और सेल को पुन: उभारने व लाभ की हालात में लाने का कार्य संयंत्र का कर्मी ही करेगा।

सेल की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष से बेहतर व अधिक बोनस बांटने में करीब 100 करोड़ रुपए लगेगा, फिर भी प्रतिवर्ष प्रबंधन कार्मिकों को बोनस के लिए अंतिम क्षण तक तरसाने की प्रवृत्ती का असर प्रोडक्शन- प्रोडक्टिविटी व क्वालिटी पर भी पड़ता है। बेहतर बोनस सही समय पर दिया जाएगा,तो कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा।

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