
CG News: नगर निगम, भिलाई से 70 पार्षद व 11 अधिकारी 22 अगस्त को इंदौर जा रहे हैं। वे वहां की सफाई व्यवस्था का जायजा लेगें। इसके साथ-साथ इंदौर निगम में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन किस तरह से किया जाता है, उसका अवलोकन व अध्ययन करेंगे। इसके पहले महापौर परिषद ने सभी पार्षदों को इंदौर, मध्य प्रदेश भेजे जाने की स्वीकृति के लिए शासन को सर्वसम्मति से पत्र प्रेषित करने संकल्प पारित किया था।
इंदौर जाने वाली टीम में महापौर नीरज पाल, सभापति, महापौर परिषद के सदस्य 14, पार्षद 53, जोन आयुक्त 4, स्वास्थ्य अधिकारी, प्रभारी जोन सहायक स्वास्थ्य अधिकारी 5, पीआईयू एसबीएम के 2 कर्मचारी जा रहे हैं। वे भिलाई और इंदौर के काम में किस तरह का अंतर है, उसका तुलनात्मक अध्ययन करेंगे। दल की यात्रा, होटल व अन्य खर्च की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
नगर निगम, भिलाई और इंदौर में सबसे बड़ा अंतर नालियों को लेकर है। यहां की नालियां खुली हुई है। वहां सारी नालियों को अंडरग्राउंड बनाया जा रहा है। यहां इस दिशा में निगम ने अब तक काम ही शुरू नहीं किया है। अब भी यहां के अधिकारी खुली नालियों का प्रस्ताव ही बनाते हैं। जनप्रतिनिधि भी अधिकारियों के प्रस्ताव पर ही निर्भर हैं। इसके अलावा वहां अधिकारियों की नजर हमेशा शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे से आने वाले वीडियो पर रहती है। इसके बाद शिकायत के निपटारे पर। यहां शिकायत करने पर अधिकारी नाराज हो जाते हैं।