प्रबंधन 17,266 करोड़ रुपए के आधुनिकीकरण एवं विस्तारीकरण परियोजना के तहत निर्मित स्टील मेल्टिंग शॉप-3 के एक कनवर्टर और कॉस्टर का हॉट ट्रायल करेगा।
भिलाई. वित्तीय वर्ष 31 मार्च शनिवार भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। प्रबंधन 17,266 करोड़ रुपए के आधुनिकीकरण एवं विस्तारीकरण परियोजना के तहत निर्मित स्टील मेल्टिंग शॉप-3 के एक कनवर्टर और कॉस्टर का हॉट ट्रायल करेगा। इसके बाद एसएमएस-3 में क्रूड स्टील का नियमित उत्पादन शुरू हो जाएगा। फिलहाल इस स्टील का उपयोग नई यूनिवर्सल रेल मिल में लंबी रेलपांत बनाने में किया जाएगा।
संयंत्र प्रबंधन एसएमएस-3 में हॉट मेटल हैंडलिंग, कनवर्टर लाइनिंग, टिल्ट मेकेनिज्म, कनवर्टर वेसल मूवमेंट और ऑक्सीजन लॉन्सिंग की टेस्टिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। शुक्रवार को भी विशेषज्ञों की देखरेख में अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम दिन भर ट्रायल-री ट्रायल लेती रही ताकि सुरक्षा और उत्पनादन प्रक्रिया में कोई चूक न हो जाए।
कनवर्टर के एक्सपर्ट जाने जाने वाले संयंत्र के पूर्व अधिशासी निदेशक वक्र्स आरके राठी और के सेल के निदेशक ऑपरेशन पीके दाश के अलावा कई विदेशी विशेषज्ञों की टीम पूरी ट्रायल प्रक्रिया पर नजर रखी है। एसएमएस-1 और 2 से दस-दस अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम को एसएमएस-3 में भेजा गया है।
रिफे्रक्टरी लाइनिंग
17 मार्च को कन्वर्टर-1 के सफल एकीकृत ट्रॉयल्स के पश्चात् कन्वर्टर का रिफ्रेक्टरी लाइनिंग कार्य प्रारंभ किया एवं कास्टर-1 के टरेट की लोड टेस्टिंग की गई। फ्रैक्ट्री की लाइनिंग, स्ट्रैंथ, ज्वाइंट की सील सहित सारे मैकेनिज्म पार्ट की जांच की गई।
हैंडलिंग
28 मार्च को हॉट मेटल हैंडलिंग सुविधाओं का सफलतापूर्वक ट्रॉयल किया गया। इसके अन्तर्गत ब्लास्ट फर्नेस-8 से हॉट मेटल को टारपीडो लैडल्स के द्वारा एसएमएस-3 के हॉट मेटल हैंडलिंग क्षेत्र में लाया गया।
टिल्ट मैकेनिज्म
टारपीडो लैडल से एसएमएस-3 में हॉट मेटल पहुंचाने के बाद उसके टिल्ट मैकेनिज्म का भी ट्रायल लिया गया। इसमें टारपीडो लैडल से पहली बार हॉट मेटल को एसएमएस-3 के हॉट मेटल लैडल में डाला गया।
वेसल मूूवमेंट
इसके बाद एसएमएस-3 के कनवर्अर के वेलस मूवमेंट का भी परीक्षण किया गया कि सभी काम स्मूथ हो रहे हैं कि नहीं। टारपीडो लैडल, हॉट मेटल कार और टिल्ट मैकेनिज्म के साथ- साथ स्टील मेल्टिंग शॉप-3 के 300 टन क्रेन्स का भी परीक्षण इस दौरान किया गया।
लॉन्सिंग
हॉट मेटल से इस्पात बनने की प्रक्रिया में यह सबसे महत्वपूर्ण है। कनर्वटर में हॉट मेटल के अंदर ऑक्सीजन लॉन्सिंग का भी परीक्षण किया गया। इसके तहत पाइप के एंड में ऑक्सीजन का प्रेशर जांचा गया।
आमतौर पर लोहा और इस्पात पयार्यवाची लगते हैं मगर औद्योगिक भाषा में दोनों में फर्क है। ब्लास्ट फर्नेस में आयरन ओर को कोक एवं अन्य सिंटर उत्पादों के साथ 1400 डिग्री तापमान पर पिघलाने पर लोहा बनता है जिसे हॉट मेटल कहा जाता है। इस हॉट मेटल को स्टील मेल्टिंग शॉप में इस्पात यानी क्रूड स्टील बनाया जाता है।
हॉट मेटल में कार्बन का प्रतिशत 4 से 4.5 प्रतिशत होता है। कार्बन और आक्सीजन के बीच रासायनिक क्रिया से कार्बन, कार्बन डाइ ऑक्साइड और कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस बनकर निकल जाती है। इस तरह इस्पात में कार्बन 2 प्र्र्रतिशत से भी कम रह जाता है। इस इस्पात से ही विभिन्न उत्पाद बनाए जाते हैं। एसएमस-3 की उत्पादन क्षमता 4.13 मिलियन टन है, लेकिन अभी पूरी क्षमता से उत्पादन नहीं लिया जाएगा। यहां ब्लास्ट फर्नेस -8 से हॉट मेटन भेजा जाएगा।
इस फर्नेस उत्पादन क्षमता 8000 टन प्रतिदिन है जिसमें अभी 3200 टन हो रहा है। बीएसपी एम रवि ने बताया कि स्टील मेल्टिंग शॉप-3 में उत्पादन के लिए सभी जरूरी परीक्षण सफल रहा है। शनिवार हमारे लिए एक और ऐतिहासिक दिन होगा। हम स्टील मेल्टिंग शॉप-3 में हॉट ट्रायल शुरू कर देंगे। इसके बाद क्रूड स्टील का उतपदन निर्बाध और नियमित होगा।