केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी आशंका को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है।
भिलाई . केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते (Minister of Faggan Singh Kulaste) ने कहा है कि स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में भी छंटनी के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जानी की आशंका को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है। कर्मचारियों का वेतन समझौता भी होगा। विश्व इस्पात बाजार में मंदी के दौर से अब उबर रहे हैं। २०१९-२० की पहली तिमाही में सेल की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन इसे अभी और बेहतर करना है।
बीएसपी (bhilai steel plant) के दौरे पर आए कुलस्ते मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास में स्टील सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान है। इस्पात उत्पादन में और वृद्धि होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी यही इच्छा है। इसी के तहत मैंने शनिवार को भिलाई स्टील प्लांट की एक-एक युनिट का दौरा किया। वहां कर्मियों से मिला। इस समय बीएसपी की उत्पादन क्षमता ५ मिलियन टन है। मॉडेक्स प्लान पूरा होने को है इसके बाद यह क्षमता बढ़कर ७.५ मिलियन टन हो जाएगी।
चीन के बाद दुनिया में स्टील के हम सबसे बड़े उत्पादक
इस्पात राज्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय इस्पात नीति बनने से बहुत फायदा हुआ है। पहले हमारी सालाना उत्पादन क्षमता १०० मिलियन टन थी। आज बढ़कर १०६ मिलियन टन पर पहुंच गए हैं। हमारे लिए यह गौरव की बात है कि इस्पात उत्पादन के क्षेत्र में हम दुनिया में चीन के बाद दूसरे नंबर पर हैं।
रावघाट के लिए हमारे पास पर्याप्त समय
रावघाट परियोजना में देरी पर कहा कि अभी हमारे पास समय है। वनीय स्वीकृति में कुछ अड़चनेंं थी, लेकिन वह सब दूर हो चुकी है। निर्धारित राशि का भी भुगतान कर दिया गया है। खनन क्षेत्र को लेकर कुछ न्यायालयीन प्रक्रिया चल रही है। रावघाट के १७०० हेक्टेयर क्षेत्र में लौह अयस्क खनन किय जाना है।
धारा 370 समाप्त होना ऐतिहासिक कदम
जम्मू कश्मीर का पुनर्गठन कर धारा 370 समाप्त करने के बारे में मंत्री ने कहा कि देश के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम है। अब कश्मीर और लद्दाख में विकास कार्य होंगे। लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग के स्थापित होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अब वहां पर अमन चैन शांति के तहत लोगों का विश्वास
बढ़ा है। केंद्र सरकार ज्यादा से ज्यादा योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रबंध कर रही है।
निजी कंपनी से पटरी खरीदना चिंता की बात, लेकिन बीएसपी के पास रेलवे का ऑर्डर
रेलवे द्वारा निजी रेलपांत निर्माता कंपनियों से पटरियां खरीदने के सवाल पर कुलस्ते ने कहा कि चिंंता की बात तो है, लेकिन भिलाई स्टील प्लांट की जितनी क्षमता है उतना ऑर्डर रेलवे से मिल ही रहा है। इस समय रेलवे की १७ लाख टन रेल पटरी की डिमांड है। बीएसपी १३ लाख टन की आपूर्ति कर रहा है। ऐसे में अपनी अतिरिक्त आवश्यकताओं की पूर्ति केे लिए रेलवे निजी कंपनियों से पटरी खरीद रहा है।
रेलवे की डिमांड पूरी करे बीएसपी
केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते शनिवार को भिलाई इस्पात संयंत्र के दौर पर आए। वे महामाया ब्लास्ट फर्नेस-8, स्टील मेल्टिंग शॉप-3, यूनिवर्सल रेल मिल एवं रेल व स्ट्रक् चरल मिल में इस्पात एवं रेल्स निर्माण का अवलोकन किया। पश्चात सीईओ सभागार में हुए संयंत्र के ओवरव्यू प्रेजेन्टेशन में शिरकत की। उन्होंने शीर्ष प्रबंधन के साथ संयंत्र के निष्पादन एवं अन्य विषयों पर विचार-विमर्श करते हुए भारतीय रेलवे की मांग के अनुरूप रेल्स की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया। इसके पूर्व बीएसपी के सीईओ अनिर्बान दासगुप्ता ने उनका स्वागत किया। संयंत्र भ्रमण के दौरान कुलस्ते मेनगेट के समीप सुरक्षा कवच का अवलोकन किया। इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, भिलाई-चरोदा की महापौर चन्द्रकांता मांडले उपस्थित थे।