
BSP Township House Rent: दीपावली के उल्लास के बीच भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) प्रबंधन ने टाउनशिप के हजारों परिवारों की झोली खुशियों से भर दी है। प्रबंधन के नगर सेवाएं विभाग ने त्योहारी सीजन में सर्कुलर जारी कर टाउनशिप के मकानों के किराए में भारी कटौती की है। अब रिटेंशन स्कीम और थर्ड पार्टी व्यवस्था के तहत रहने वाले परिवारों से मात्र 6 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से मासिक किराया लिया जाएगा। इस निर्णय से औसत आकार के मकानों में रहने वाले परिवारों को हर महीने 1000 रुपए या उससे अधिक की सीधी बचत होगी।
खास बात यह है कि प्रबंधन ने इस राहत को 1 दिसंबर 2025 से भूतलक्षी (पिछली तारीख) प्रभाव से लागू किया है। इसके चलते अब तक जमा किए गए अतिरिक्त किराए का हिसाब कर आगामी बिलों में करीब 11 रुपए हजार तक की राशि समायोजित की जाएगी। त्योहार से ठीक पहले मिली इस दोहरी सौगात से टाउनशिप के बाशिंदों के चेहरे खिल उठे हैं।
किराए के नए स्लैब से आम परिवारों के घरेलू बजट को बड़ा संबल मिलेगा। उदाहरण के लिए, 500 वर्गफीट के आवास के लिए पहले जहां करीब 4,000 रुपए मासिक किराया चुकाना पड़ता था, वहीं अब नई दर के अनुसार यह राशि घटकर मात्र 3,000 रुपए रह जाएगी। यानी सीधे 1,000 रुपए प्रति माह और सालभर में 12,000 रुपए की बचत होगी। बड़े आवासों में रहने वाले परिवारों के लिए यह बचत का आंकड़ा और भी बड़ा होगा।
नया किराया दर: 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह
मासिक बचत: 1,000 रुपए या उससे अधिक (औसत 500 वर्गफीट आवास पर)
सालाना बचत: 12,000 रुपए से अधिक की सीधी राहत
पिछला समायोजन: 1 दिसंबर 2025 से लागू होने से क्र11,000 रुपए तक का एकमुश्त एडजस्टमेंट
कुल 4,100 परिवारों को मिलेगा लाभ
रिटेंशन स्कीम के परिवार करीब 1,100
थर्ड पार्टी आवंटन के परिवार: करीब 3,000
चुनावी असर: भिलाई निगम के 33 टाउनशिप वार्डों का बदलेगा सियासी समीकरण
किराए में यह बड़ी छूट ऐसे समय आई है जब भिलाई नगर निगम चुनाव की सरगर्मियां परवान पर हैं। निगम के कुल 70 में से करीब 33 वार्ड पूरी तरह टाउनशिप इलाके में आते हैं, जहां बीएसपी आवासों में रहने वाले परिवार ही सबसे बड़ा और निर्णायक वोट बैंक हैं। फैसले के बाद दोनों प्रमुख सियासी दलों में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई है। नेता इसे अपनी पहल और सतत संघर्ष का नतीजा बताकर भुनाने में जुट गए हैं।
विजय बघेल, सांसद, दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के मुताबिक, टाउनशिप में बीएसपी आवासों में रहने वाले लोगों की मांग पर पिछले एक साल से निरंतर प्रयास किया जा रहा था। इस मुद्दे को लेकर दिल्ली में केंद्रीय इस्पात मंत्री और सेल चेयरमैन से चर्चा की गई। इसके बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर प्रबंधन को किराया घटाने के निर्देश दिलाए गए। भाजपा नेता सदैव जनहित में कार्य करते हैं, इसे किसी राजनीतिक नफे-नुकसान से जोडक़र नहीं देखा जाना चाहिए।
राजेंद्र परगनिहा, विधायक प्रतिनिधि, भिलाई नगर के मुताबिक, बीएसपी आवासों के किराए में कटौती का एकमात्र मकसद भिलाई नगर निगम चुनाव में सियासी फायदा उठाना है। वोटरों को लुभाने के लिए ही आचार संहिता से ठीक पहले बीएसपी से यह आदेश जारी कराया गया है। रिटेंशन स्कीम पहले ही बंद हो चुकी है, जिससे सेवारत कर्मियों को कोई वास्तविक राहत नहीं मिली है। वहीं लीज और लाइसेंस से जुड़े बुनियादी मामले आज भी जस के तस अटके हैं।