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दीपावली पर भी ATM बूथों पर सन्नाटा! दुर्ग में 3 साल में 27% घटी नकदी निकासी, जानिए क्यों बदली लोगों की आदत?

Digital Payment Growth: दुर्ग जिले में डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन ने लोगों की नकदी पर निर्भरता कम कर दी है। पिछले तीन वर्षों में एटीएम से नकदी निकासी में 27% की गिरावट आई है, जबकि यूपीआई से लेन-देन 36% बढ़ा है।
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भिलाई

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Khyati Parihar

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Updated: 4 Nov 2026, 10:48 AM IST

Digital Payment

एटीएम के बाहर कतारें गायब (फोटो सोर्स- AI)

Digital Payment Growth: त्योहारी सीजन में कभी नकदी निकालने के लिए जिन एटीएम बूथों के बाहर लंबी कतारें लगती थीं, वे अब धीरे-धीरे खाली नजर आने लगे हैं। स्मार्ट फोन और क्यूआर कोड आधारित डिजिटल भुगतान ने आमजन की नकदी पर निर्भरता काफी हद तक घटा दी है। इसका सीधा असर दुर्ग जिले के बैंकिंग आंकड़ों मे साफ झलक रहा है। दुर्ग जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान एटीएम से नकदी निकासी में करीब 27 फीसद की गिरावट आई है, जबकि इसके उलट यूपीआई (क्कढ्ढ) आधारित लेन-देन 36 फीसद तक बढ़ चुका है। जिले में संचालित 295 एटीएम बंद तो नहीं हुए हैं, लेकिन नए बूथ खोलने की रफ्तार पूरी तरह थम गई है।

ठेले से लेकर बड़े शोरूम तक क्यूआर कोड

दुर्ग-भिलाई के बाजारों में खरीदारी के दौरान लेनदेन का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मिठाई और सर्राफा बाजारों से लेकर सब्जी व किराना की छोटी दुकानों तक क्यूआर कोड स्कैनर लगे हैं। पहले धनतेरस और दीपावली पर खरीदारी से पूर्व लोग एटीएम से नकदी जुटाकर जेब भरते थे, लेकिन अब उपभोक्ता बिना कैश के सिर्फ मोबाइल के सहारे बाजार पहुंच रहे हैं। इसी का नतीजा है कि त्योहारी सीजन में भी बूथों पर पूर्व जैसा भारी दबाव देखने को नहीं मिल रहा।

  • जिले में कुल बैंक: करीब 20
  • कुल एटीएम बूथ: 295
  • एसबीआई के एटीएम: 100 से अधिक
  • प्रति एटीएम नकदी क्षमता: 45 लाख रुपए
  • बैंकों में अवकाश: 8 और 9 नवंबर

अवकाश में भी रीफिलिंग जारी

त्योहार को देखते हुए बैंकों ने सभी एटीएम में क्षमता के अनुरूप कैश लोड करने की तैयारी की है। लीड बैंक प्रबंधन के अनुसार, धनतेरस पर बैंक शाखाएं सामान्य दिनों की तरह खुली रहेंगी, जबकि दीपावली और गोवर्धन पूजा पर अवकाश रहेगा। अवकाश के दिनों में भी कैश वैन के जरिए सभी प्रमुख बूथों पर रीफिलिंग और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

संजय गर्ग, लीड बैंक मैनेजर, दुर्ग के मुताबिक, एटीएम में अब पहले जैसी भीड़ नहीं दिखती। छोटी खरीदारी से लेकर बड़े भुगतानों तक डिजिटल माध्यम पहली पसंद बन चुका है। त्योहारी सीजन में भी कैश निकासी का दबाव घटा है, फिर भी बैंक सभी बूथों पर पर्याप्त नकदी उपलब्ध रखेंगे।