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Bhilai Nikay Chunav: किस वार्ड में बढ़े वोट, कहां कटे नाम… तीन सूचियों ने उलझाया सियासी गणित, जानें कैसे?

Voter List Update: भिलाई समेत जिले के चार नगरीय निकायों में आगामी चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। तीन अलग-अलग सूचियों के मिलान में राजनीतिक दल जुटे हैं।
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भिलाई

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Khyati Parihar

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Updated: 4 Nov 2026, 10:07 AM IST

nikay chunav

सूचियों ने उलझाया सियासी गणित (फोटो सोर्स- AI)

Chhattisgarh Nikay Chunav: आगामी नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा से पहले जिले के सियासी गलियारों में मतदाता सूची को लेकर घमासान शुरू हो गया है। प्रशासन की ओर से जारी तीन अलग-अलग सूचियों ने राजनीतिक दलों के समीकरण उलझा दिए हैं। पहली सूची 21 फरवरी 2026 के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की है, दूसरी एक अक्टूबर 2026 की पूरक सूची और तीसरी 23 अक्टूबर को जारी प्रारंभिक मतदाता सूची। वर्तमान में सभी प्रमुख दल वार्डवार इन तीनों सूचियों का मिलान कर अपना नफा-नुकसान तौलने में जुट गए हैं।

चार निकायों के 170 वार्डों का आंकड़ा

दुर्ग जिले के चार नगरीय निकायों- भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा और जामुल में कुल 170 वार्ड और 744 मतदान केंद्र हैं। यहां कुल 5,07,704 मतदाता दर्ज हैं, यानी प्रति बूथ औसतन 682 वोटर। भिलाई निगम के 70 वार्डों में टाउनशिप, ठेका श्रमिक और बस्तियों का रुख निर्णायक रहता है। रिसाली व चरोदा में ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े मतदाताओं का प्रभाव है, तो जामुल में औद्योगिक श्रमिकों के नाम चुनाव परिणाम तय करते हैं।

नए युवा और बस्तियों के वोटों पर नजर

फरवरी के पुनरीक्षण में बड़े पैमाने पर नाम विलोपित और जोड़े गए थे। इसके बाद 1 अक्टूबर की पूरक सूची में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए युवा (जेन-जी) और प्रवासी मतदाताओं के नाम शामिल किए गए। अब 23 अक्टूबर की संयुक्त प्रारंभिक सूची के आधार पर दल यह खंगाल रहे हैं कि किस वार्ड में नए वोटरों की तादाद बढ़ी है और किस मजबूत बूथ से परंपरागत वोट कट गए हैं।

दावे-आपत्तियों के दम पर वोट बैंक बचाने की होड़

प्रशासन ने प्रारूप-क (नाम जोडऩे), प्रारूप-ख (नाम हटाने) और प्रारूप-ग व ग-1 (संशोधन व स्थानांतरण) के जरिए दावे-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू की है। समय-सीमा के भीतर जो दल जितनी सटीक आपत्तियां दर्ज कराएगा, 30 नवंबर को आने वाली अंतिम सूची में उसका पलड़ा उतना ही मजबूत रहेगा। साफ है कि टिकट वितरण से पहले इस बार चुनावी बिसात वोटर लिस्ट के पन्नों पर बिछाई जा रही है।