
दुर्ग. छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने का सपना देख रही कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल से पत्रिका ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उनसे प्रदेश में लगातार पराजय, उनके नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी द्वारा सवाल उठाने सहित चुनाव की रणनीति और जोगी और बसपा से होने वाले नफा-नुकसान जैसे सवालों के बेबाकी से जबाव दिए। उनसे हुई चर्चा के प्रमुख बिंदु।
पत्रिका-आप भ्रष्टाचार का मुद्दा लगातार उठाते रहे हैं, प्रदेश में किस तरह के भ्रष्टाचार हंै और इससे निपटने के क्या उपाय है, आपकी सरकार बनी तो क्या करेंगे?
भूपेश बघेल- प्रदेश का बजट 4 हजार से बढ़कर 92 हजार करोड़ पहुंच गया है। इसके बाद भी हर वर्ग को आंदोलन करना पड़ रहा है। मनरेगा और शौचालय की राशि भी कमीशनखोरी में चली गई। नॉन घोटाले, अगस्ता हेलीकॉप्टर खरीदी में घोटाला, पनामा पेपर लीक मामले की जांच तक नहीं कराई गई। पनामा पेपर मामले में पाकस्तिान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ जेल में हैं। भारत सरकार के सचिव लिखकर देते हैं कि सीबीआई से जांच जांच होनी चाहिए। इसके बाद भी सरकार मामले को दबाए रखती है।
पत्रिका-आप छठवीं बार चुनाव मैदान में हैं, पूरे प्रदेश की नजर आपकी सीट पर है, सभी जानना चाहते हैं कि आपके सामने किस तरह की चुनौती है और मुद्दे क्या हैं?
भूपेश बघेल- पिछली बार विरोधी प्रत्याशी के साथ सीएम और पूर्व सीएम की जुगलबंदी से लडऩा पड़ा। इस बार पीएम और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नाम भी जुड़ गया है। शाह ने खुद प्रत्याशी उतारा है,लेकिन शाह का बम अभी से फुस्स हो गया है। पिछले 5 साल में बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी की। पाटन का प्रत्येक कार्यकर्ता प्रत्याशी बनकर चुनाव मैदान में है। यह अब जनता की लड़ाई बन गई है। रही मुद्दे की बात तो इस सरकार ने किसानों के साथछल किया है, युवाओं को रोजगार नहीं दिया, ग्रामीण व्यवस्था चरमरा गई। हमारी सरकार 10 दिन में कर्ज माफी और समर्थन मूल्य के साथ ग्रामीणव्यवस्था पर फोकस कर काम करेगी।
पत्रिका- प्रदेश के 25 लाख युवा पहली बार मतदान करेंगे, सत्ताधारी दल इन्हें लगातार साधने की जुगत भिड़ाती रही है? क्या इन मतदाताओं के साथ कांग्रेस को मिलेगा?
भूपेश बघेल- मोबाइल बांटने से भाजपा को उल्टा नुकसान हुआ है। यहां के लोगों को रोजगार और नौकरी की जरूरत है। इस सरकार ने रोजगार और नौकरियों को खत्म किया। जो उद्योग लगे थे, वे भी बाहर चले गए। इस तरह सरकार ने रोजगार के जो अवसर थे, उन्हें भी छिनने का काम किया।हम आएंगे तो एग्रो बेस उद्योग स्थापित करेंगे। इससे किसानों को उपज की कीमत मिलेगी और जरूरतमंदों को रोजगार भी।प्रदेशमें जो भी मिनरल्स हैं, उनसे जुड़े उद्योगों को लाया जाएगा।
पत्रिका- भाजपा में स्टार प्रचारकों की फौज है, लेकिन कांग्रेस में ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है, इसकी क्या वजह है?
भूपेश बघेल- भाजपा के स्टार प्रचारक आए थे, लेकिन सब खाली हाथ वापस गए हैं। रविशंकर प्रसाद की सभा में 50-6 0 लोग आए। हालात यह है कि जो लौट गए हैं, वे दोबारा आने की स्थिति में नहीं हैं। भाजपा को पूरे प्रदेशमें नकारा जा रहा है। पहले शासकीय तंत्र का उपयोग कर लाखों की भीड़ इक_ा करते थे, लेकिन अब रमन सिंह जा रहे हैं, तो 100 लोगों भी नहीं जुट रहे। कांग्रेस के भी स्टार प्रचार आ रहे हैं, उन्हें अच्छा रिस्पॉंस मिल रहा है।
पत्रिका-अंतिम फैसला मतदाता को करना है, आपको क्या लगता है इस बार मतदाता मुद्दों पर वोट करेगी या फिर पार्टियों को देखकर?
भूपेश बघेल- पार्टी ही मुद्दे लेकर जाती हैं, सीएम रमन सिंह जिन मुद्दों को लेकर जनता की बीच गए, उन्हें पूरा नहीं कर पाए। जनता ने उन्हें तीन बार मौका दिया, लेकिन उन्होंने तीनों बार धोखा दिया। हर वर्गधोखा मिला। हमने 5 साल हर वर्ग के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया। कांग्रेस के पास जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर ठोस योजना है। जिसे हम गंभीरता से क्रियान्वयित करेंगे।
पत्रिका- चुनाव में धन बल का उपयोग बढ़ता जा रहा है। सत्ताधारी दल पर आप खुद इस तरह के आरोप लगाते रहे हैं, इससे निपटने की क्या योजना है?
भूपेश बघेल- धन बल, सरकारी तंत्र और हिंसा का उपयोग किया जा हैं, लेकिन एक समय के बाद इसमें से कोई भी काम नहीं आता। मोबाइल बांटकर सरकारी पैसे का दुरूपयोग करके देख लिया। अब खुलेआम पैसे बांट रहे हैं, लेकिन इसका भी कोई फर्क नहीं दिख रहा। शराब से भी लोगों प्रभावित करना चाह रहे है, लेकिन फर्क नहीं पड़ेगा। इससे हताश भाजपा के प्रत्याशी अब हिंसा पर उतारू हो गएहैं। खरसिया और रायपुर पश्चिम में प्रत्याशियों की धमकी, पाटन और धमधा में कार्यकर्ताओं से मारपीट इसका प्रमाण है।
पत्रिका- आप लगातार सीएम के खिलाफ मुखर रहे हैं, लेकिन आपके पिता का कहना ये है कि उनके इशारे पर कांग्रेस की टिकट बांटी गई है?
भूपेश बघेल- सीएम लगातार गलत निर्णय करते रहे हैं, इससे छत्तीसगढ़ और यहां के हर वर्ग के लोगों को नुकसान हुआ है। भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है, इसलिए उनका विरोध है। पिताजी से राजनीतिक रूप से मेरी विचारधारा कभी मेल नहीं खाया है। वे अलग विचारधारा के हैं। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कह पाउंगा।