
Swine Flu Case in Durg: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू का पहला पुष्ट मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती 2 साल 11 माह की बच्ची में H1N1 वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। बच्ची का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति के साथ-साथ उसके संपर्क में आए लोगों और आसपास के क्षेत्र की भी निगरानी कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बच्ची को तेज बुखार और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने के बाद करीब दो दिन पहले निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों को स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर बच्ची का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया गया। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई।
दुर्ग जिले में H1N1 संक्रमण का यह पहला पुष्ट मामला बताया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की संभावित चेन को रोकने के लिए जरूरी एहतियाती कदम शुरू कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम संक्रमित बच्ची के घर और आसपास के इलाके में सर्वे कर रही है। टीम यह जानकारी जुटा रही है कि बच्ची के संपर्क में हाल के दिनों में कौन-कौन लोग आए थे। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की भी निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संक्रमण के प्रसार की किसी भी संभावना को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
बच्ची की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसके परिवार के अन्य सदस्यों के भी सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों की जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि परिवार में किसी अन्य व्यक्ति में H1N1 संक्रमण तो नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीम संक्रमित बच्ची के घर और आसपास के क्षेत्र में सर्वे के दौरान लोगों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी जुटा रही है। खासतौर पर ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है, जिनमें बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस से संबंधित लक्षण दिखाई दे रहे हों।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण लगातार बने रहते हैं या उनकी स्थिति बिगड़ती है, तो उसे जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल में चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोगों में फ्लू जैसे लक्षण सामने आने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित बच्ची के घर और आसपास के इलाके में सर्वे शुरू किया है। सर्वे का मुख्य उद्देश्य संक्रमण के संभावित संपर्कों का पता लगाना और समय रहते संदिग्ध मामलों की पहचान करना है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू से संबंधित लक्षण दिखाई दें तो वह स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह ले और जरूरत पड़ने पर जांच कराए।
H1N1 संक्रमण के मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सामान्य सावधानियां बरतने की सलाह दी है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक संपर्क से बचना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढंकना तथा हाथों की स्वच्छता बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में सामने आए इस मामले के बाद निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल विभाग की प्राथमिकता संक्रमित बच्ची का उपचार, उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान और संक्रमण को आगे फैलने से रोकना है।