यूथ रेडक्रास इकाई के प्री मैराइटल काउंसलिंग का। इस अवसर पर यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ रेशमा लाकेश एवं काउंसलर डॉ शमा हमदानी ने विवाह के पूर्व परामर्श को जरूरी बताया।
भिलाई. शादी के बाद हमेशा वधु को ही अपना घर छोड़कर क्यों जाना पड़ता है? वर क्यों नहीं आते अपना घर छोड़कर?.. ससुराल में जाकर घर-परिवार के बीच कैसे तालमेल बैठाया जाए,.. हमेशा बहू से ही सारी अपेक्षाएं क्यों होती है? विवाह के लिए हमें किस तरह खुद को तैयार करना होगा? कई ऐसे प्रश्न थे जो गल्र्स कॉलेज दुर्ग की छात्राओं ने खुलकर पूछे। मौका था यूथ रेडक्रास इकाई के प्री मैराइटल काउंसलिंग का। इस अवसर पर यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ रेशमा लाकेश एवं काउंसलर डॉ शमा हमदानी ने विवाह के पूर्व परामर्श को जरूरी बताया।
डॉ रेशमा लाकेश ने कहा कि काउंसलिंग के माध्यम से छात्राओं को शादी के पहले काउंसलिंग कर उन्हें सशक्त और स्वस्थ्य रिश्तों से आरंभ कर स्थाई और संतुष्ट वैवाहिक जीवन कैसे बनाते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में जानकारी का अभाव ही समस्या को जन्म देता है और यह समस्या बढ़कर तलाक तक पहुंच जाती है। आजकल युवा पीढ़ी कॅरियर को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन विवाह भी सामाजिक आवश्यकता है।
कई पहलुओं को समझने में आसानी
कार्यक्रम में डॉ अलका दुग्गल ने बताया कि प्री मैराइटल काउंसलिंग के जरिए विवाह के पहले आर्थिक, मूल्यों, निर्णय, समय, आपसी संबंधों, अपेक्षाओं आदि पर बात की जा सकती है। एक्सपर्ट शमा अहमदानी ने पूर्व विवाह परामर्श के महत्व को बताया कि किस तरह संवाद के माध्मय से वास्तविकता और अपेक्षाओं को मूर्त रूप दिया जा सकता है।
छात्राओं ने पूछे प्रश्न
प्री मैरिज काउंसलिंग के इस कार्यक्रम में छात्राओं ने ओपन सेशन में कई प्रश्न पूछे, जिसका जवाब एक्सपर्ट ने दिया। उन्हें कई चीजों को समझाया। छात्राएं भी अपने सवाल के जवाब जानकर संतुष्ट हुई। उन्होंने इस कार्यक्रम को काफी उपयोगी बताया।