
भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप-3 (एसएमएस-3) के कास्टर सीके-1 में स्लाइड गेड में कोल्ड लेडल को लॉसिंग कर खोलने का काम किया जा रहा था। इस बीच हॉट मेटल का छीटा आकर ओसीटी प्रशांत कुमार के कान के नीचे गाल पर लगा। जिससे उसका गाल झुलस गया। घटना रविवार को सुबह 11.15 बजे की है। उस समय समीप में डीजीएम जितेंद्र कुमार भी मौजूद थे। ऑपरेशन कम टैक्नीशियन (ओसीटी) झुलसे हुए गाल के साथ काम करता रहा। मौके से उसे मेन मेडिकल पोस्ट (एमएमपी) भेजा जाना था, उसे नजर अंदाज किया गया। जिससे इंफेक्शन होने का खतरा बढऩे की आशंका रहती है।
झुलसे हालत में किया लॉसिंग का काम
ओसीटी प्रशांत सुबह 6 बजे पहली पाली में ड्यूटी गया था। घटना 11.15 बजे हुई। इसके बाद वह 2 बजे तक काम करता रहा। दोपहर 2.15 बजे संयंत्र के भीतर मौजूद एमएमपी पहुंचा। जहां चिकित्सक ने देखने के बाद सेक्टर-9 हॉस्पिटल में दिखा लेने की सलाह दी।
बर्न युनिट में किया दाखिल
इस पर वह सीधे सेक्टर-9 हॉस्पिटल पहुंचा। जहां चिकित्सकों ने झुलसे कर्मचारी को बर्न युनिट में दाखिल कर लिया गया। सोमवार को दोपहर तक वह सेक्टर-9 हॉस्पिटल में भर्ती था। प्रशांत को बीएमएस के दिनेश कुमार पाण्डेय भी देखने पहुंचे।
क्या कहा पीड़ित ने
प्रशांत से पूछने पर उसने बताया कि उसे विभाग के मौजूद अधिकारी ने एमएमपी तुरंत जाने नहीं कहा। इस वजह से वह मजबूरी में काम करता रहा। जब छुट्टी हुई तब 2.15 बजे मरहम पट्टी कर सेक्टर-9 पहुंचा। वहां इंफेक्शन के खतरे को भांपते हुए दाखिल किया गया। चिकित्सकों ने कहा कि इस वजह से घटना होते ही उपचार करवा लेना चाहिए। देरी हुई है, इस वजह से दाखिल करना पड़ेगा। पूरी रात बर्न यूनिट में रखा गया। सोमवार को दोपहर बाद छुट्टी दी गई। इस संबंध में जब बीएसपी के जनसंपर्क विभाग से पूछा गया, तो उन्होने चुप्पी साध ली।
पहले ही थे नाराज
ओसीटी का ग्रेड पहले प्रबंधन ने एस-६ तय किया था, बाद में सेल स्तर से इसे घटाकर एस-3 कर दिए। डिग्रेडेशन से इनमें मायूसी है। इस वजह से वे ठगा सा महसूस कर रहे हैं। सेल में ज्वाइन करने वाला हर डिप्लोमा इंजीनियर्स विकल्प की तलाश में जुटा रहता है।
एनओसी के लिए लगाया है आवेदन
भारतीय रेलवे ने 14 हजार जूनियर इंजीनिर का पोस्ट भर्ती के लिए निकाली है। इस पद के लिए ही सेल के ओसीटी संघर्ष कर रहे हैं। वहां नौकरी लगते ही उस पदनाम का टैग उनके नाम पर लग जाएगा। सम्मानजनक पदनाम के लिए वे सेल से नाता तोड़ भारतीय रेलवे में नौकरी करने आतुर हैं। घटना के बाद ओसीटी को तुरंत हॉस्पिटल लेकर जाने की जगह लगातार काम करवाने की घटना से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
यहा कहां बीएसपी प्रबंधन ने
इस मामले में पूछने पर भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क अधिकारी विजय मैराल ने बताया कि इस विषय में प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित अधिकारी या चिकित्सक ने कोई कोताही नहीं बरती गई थी। प्रबंधन अपने कार्मिकों को समुचित चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।