अज्ञात ने खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया और आधार व एटीएम पिन नंबर पूछकर 20 हजार 500 रुपए की ऑनलाइन खरीदारी कर ली।
भिलाई. ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इन मामलों की शिकायत पुलिस तक भी पहुंच रही है पर आरोपी पकड़ से दूर हैं। नंदिनी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति भी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। अज्ञात आरोपी ने खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया और आधार व एटीएम पिन नंबर पूछकर २० हजार ५०० रुपए की ऑनलाइन खरीदारी कर ली। मोबाइल में मैसेज आने के बाद पीडि़त ने एटीएम ब्लॉक कराया और थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा ४२० के तहत जुर्म दर्ज किया है।
खुद को एसबीआई का अधिकारी बताया
नंदिनी थाना पुलिस ने बताया कि ग्राम ओखरा निवासी अजीत कुमार गायकवाड (40) के साथ यह धोखाधड़ी हुई है। नंदिनी एसबीआई के ब्रांच में अजीत का खाता है। २५ फरवरी को एक व्यक्ति ने मोबाइल नंबर ८४०४९८५९९३ से कॉल कर खुद को एसबीआई का अधिकारी बताया। उसने कहा कि खाता में आधार नंबर लिंक नहीं हुआ है। इस संबंध में १५ दिनों से फोन पर जानकारी मांगी जा रही है, अगर अभी जानकारी नहीं मिली तो खाता बंद कर दिया जाएगा। यह सुनकर अजीत हड़बड़ा गया।
20 हजार की ऑनलाइन खरीदी कर ठगी
खाता ब्लॉक होने की परेशानी से बचने के लिए उसने अपना एटीएम का पिन नंबर और आधार नंबर बता दिया। नंबर पूछने वाले आरोपी ने २५ और २६ फरवरी को १०-१० हजार यानी की कुल २० हजार ५०० रुपए की ऑनलाइन खरीदी कर उक्त व्यक्ति को ठगी का शिकार बना लिया। मोबाइल पर मैसेज आया कि इस नंबर से ऑनलाइन शॉपिंग हो रही है, तब अजीत को पता चला कि वह धोखाधड़ी का शिकार हो गया है। तत्काल उसने बैंक पहुंचकर अपना एटीएम ब्लॉक कराया और थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
बुजुर्ग महिला से भी इसी तरह की गई ठगी
सप्ताहभर में ठगी का यह दूसरा मामला सामने आया है। हाल ही में गुरुनानक मार्केट निवासी चरणजीत सिंह सहगल (66) ने सुपेला थाना में ठगी की शिकायत की। उक्त महिला को अज्ञात आरोपी ने २६ जुलाई को बैंक अधिकारी बताकर झांसे में लिया और एटीएम व पिन नंबर पूछकर खाते से ५० हजार रुपए निकाल लिए।
आरोपियों तक नहीं पहुंच पा रही पुलिस
सायबर क्राइम पर कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने अलग से सेल का गठन किया है। जिले में ऑनलाइन ठगी के मामलों में पुलिस ने अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। लोग शिकायत करने के बाद थाने के चक्कर लगाते रह जाते हैं पर आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है।