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नक्सली हमले में शहीद लवन सबके ह्दय में जीवित रहेंगे, पढि़ए पूरी खबर

बीजापुर जिले के कुएंनार के समीप नक्सलियों के बारूदी सुरंग विस्फोट में जिले के डौंडी विकासखंड के ग्राम पचेड़ा निवासी लवन सिंह गावड़े शहीद हो गया।

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Naxalite martyrs in the attack

बालोद/दल्लीराजहरा. बीजापुर जिले के कुएंनार के समीप नक्सलियों के बारूदी सुरंग विस्फोट में जिले के डौंडी विकासखंड के ग्राम पचेड़ा निवासी लवन सिंह गावड़े शहीद हो गया। सूचना पर परिजन के साथ पूरे गांव में मातम छाया गया। वहीं अपने लाडले की वीरगति पर गर्व किए। अंतिम दर्शन के बाद पुलिस की तीन बंदूक से सलामी के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
मंगलवार की सुबह लवन सिंह का पार्थिव शरीर पैतृक निवास पहुंचते ही उन्हें एक झलक देखने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। परिजन का तो रो-रोकर बुरा हाल था ही, वहां मौजूद हर शख्स की आंखों से आंसू की धारा बह रही थी। उन्हें पुलिस जवानों की सलामी के बाद अंतिम विदाई दी गई। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा व आसपास के ग्रामवासियों की भीड़ लगी रही। वहीं जिला पुलिस प्रशासन द्वारा राजकीय सम्मान के साथ ही परिजनों ने शहीद लवन सिंह गावड़े का अंतिम संस्कार किया।

सूचना पर पूरा गांव रो पड़ा
गौरतलब हो कि 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं, इसी के विरोध में नक्सलियों ने बीजापुर जिले में सुरक्षा गस्त के लिए जांगला जा रहे पुलिस की मिनी बस को निशाना बनाया। दोपहर लगभग डेढ़ बजे बारूदी सुरंग विस्फोट से बस सड़क से उछलकर नीचे जा गिरी, तो बस में सवार 9 जवानों में से दो मौके पर शहीद हो गए, वहीं 7 घायलों को उपचार के लिए भेजा गया है। इस घटना में बस चालक 42 वर्षीय लवन गावड़े ग्राम पचेड़ा व आरक्षक 29 वर्षीय आनंद राव निवासी मद्देड़ शहीद हो गए।

भैरमगढ़ से बच्चों के साथ रोते पहुंची पत्नी संगीत
शहीद के पिता रंजन गावड़े ने शहीद बेटे की पत्नी संगीता को दूरभाष पर जानकारी दी। शोक में डूबा पूरा परिवार रातभर जागकर शहीद बेटे के शव के आने का इंतजार करता रहा। बस्तर के बीजापुर पुलिस जवानों ने सुबह जब पचेड़ा में शहीद का पार्थिव शरीर लाया तो सबकी आंखे नम हो गई। पुलिस ने शहीद के पिता को 50 हजार रुपए की सहायता राशि सौंपी। दल्लीराजहरा केे बीएसपी कर्मचारी, पुराना निवास स्थल 256 क्षेत्र के रहवासी, गणमान्य नागरिक, डौंडी नगर के नागरिक व जनप्रतिनिधि सहित आसपास के गांवों के लोग भी पहुंचे थे।

तिरंगे में लिपटा पहुंचा पार्थिव शरीर
ताबूत मेें तिरंगे से लिपटे हुए शव को वाहन से उतारते ही शहीद की मां भागो व पत्नी संगीता बिलखकर रोने लगी। पिता, छोटे भाई व बहन अपने आंसू नहीं रोक पाए। लवन की 14 वर्षीय बेटी भूमिका व 11 वर्षीय बेटा शुभम दहाड ़मारते हुए रो पड़े। पिता को इस अवस्था में देख सहसा उन्हें यकीन नहीं हो रहा था।

बेटे शुभम ने पिता को मुखाग्नि दी
सामाजिक रीति-रिवाजों को पूरा कर शहीद की अंतिम यात्रा निकाली गई तो शहीद लवन अमर रहे, भारत माता की जय के घोष गूंज पड़ा। पार्थिव शरीर पैतृक जमीन वाले खेत में पुलिस जवानों ने बंदूकों से सलामी दी। इस दौरान परिजन, मित्र, ग्रामवासियों के साथ विधायक अनिला भेडिय़ा, पूर्व विधायक लाल महेन्द्र सिंह टेकाम, जिला जनपद सदस्य होरीलाल रावटे, एसपी आईके एसिसेला, एएसपी जेआर ठाकुर, तहसीलदार सोनित मेरिया, नगर एसपी भारतेंदु द्विवेदी एवं राजहरा थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार ने पुष्प अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद लवन के बेटे शुभम ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।

पहिली से आठवीं तक की पढ़ाई दल्लीराजहरा में की
शहीद लवन के पिता ने बताया उनके दो बेटे व एक बेटी में लवन बड़ा था। उससे छोटी बेटी मिली व सबसे छोटा बेटा कृष्णा है। लवन की पत्नी संगीता भैरमगढ़ में बड़ी बेटी भूमिका 14 वर्ष और बेटा शुभम 11 वर्ष के साथ रहती है। लवन कक्षा पहिली से आठवीं तक की पढ़ाई दल्लीराजहरा के बीएसपी स्कूल में पूरी की थी और उसके बाद 9 वीं व 10 वीं कक्षा की पढ़ाई बालोद जिले के गांव बड़भूम के स्कूल मेंं पूरी की। शुरू से ही उसकी इच्छा पुलिस में सेवा देने की थी और सपना 2009 को पूरा हुआ था। पिता बीएसपी के राजहरा माइंस में ड्राइवर पद से 2015 में सेवानिवृत्त होकर ग्राम पचेड़ा में रह रहे हैं। लवन ने अंतिम बार मुझसे 8 अप्रैल को फोन पर बात की थी। शहीद की मां ने कहा बेटे से अंतिम बार 9 अप्रैल को फोन पर चर्चा की थी। अवकाश मिलने पर घर आने की बात कही थी। वह शहीद जरूर हुआ है लेकिन हमारा बेटा सबके हृदय में सदा जीवित रहेगा।