भिलाई

यहां डॉग को मिलता है सैनिक का सम्मान, क्योंकि वे करते हैं जवानों सी कठिन ड्युटी

10 साल तक भिलाई इस्पात संयंत्र की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ डॉग स्क्वार्ड के पांच जाबांज डॉग सेवानिवृत्त हुए। वे भले ही एक डॉग के रूप में जन्मे, लेकिन उन्होंने अपने कार्य से सैनिक सा सम्मान पाया। सीआईएसएफ के भिलाई यूनिट में इन डॉग्स को सम्मान के साथ सेवानिवृत्त किया गया।
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Jul 04, 2020
यहां डॉग को मिलता है सैनिक का सम्मान, क्योंकि वे करते हैं जवानों सी कठिन ड्युटी
सीआईएसएफ डॉग स्क्वार्ड के पांच जाबांज डॉग

भिलाई. 10 साल तक भिलाई इस्पात संयंत्र की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ डॉग स्क्वार्ड के पांच जाबांज डॉग सेवानिवृत्त हुए। वे भले ही एक डॉग के रूप में जन्मे, लेकिन उन्होंने अपने कार्य से सैनिक सा सम्मान पाया। सीआईएसएफ के भिलाई यूनिट में इन डॉग्स को सम्मान के साथ सेवानिवृत्त किया गया। इस अवसर पर हुए कार्यक्रम में डीआईजी यूके सरकार ने इन सभी डॉग के कार्यो की सराहना कर उन्हें पदक और प्रमाणपत्र दिया। इनमें डॉग क्लाईमैक्स (लैबरा), उन्नी (लैबरा), उरान (लैबरा), बाशा (लैबरा) एवं जेम्स (एलसेशियन) शामिल थे। उन्होंने कहा कि फोर्स चाहे कोई भी हो उसमें शामिल डॉग्स स्क्वार्ड सुरक्षा के लिए सबसे अहम होता है। इनकी वजह से जवानों की सुरक्षा हो पाती है और वे किसी भी विषम परिस्थितियों को पहले भी भांप लेते हैं।


9 साल में मिलती है सेवानिवृत्ति
सीआईएसएफ में तैनात डॉग स्क्वार्ड में शामिल डॉग्स को 9 साल की उम्र में पहुंचने के बाद बुढापें की श्रेणी में शामिल कर दिया जाता है। जिसके बाद वे सेवानिवृत्त हो जाते हैं। इकाई बीएसपी भिलाई में तैनात स्वान दस्ते में शामिल इन जाबांज कुत्तों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था।


नम हुई आंखे
रिटायरमेंट के वक्त इन डॉग्स को प्रशिक्षण देने वाले सीआईएसएफ के उन जवानों की आंखें नम हो गई, जिनके इशारों पर यह सभी डॉग्स कार्य करते थे। इन जवानों ने बताया कि बचपन से लेकर अब तक वे उनके साथ रहे। कहने को भले ही वे जानवर है,लेकिन उनकी एक आवाज पर वे एक सिपाही की तरह सारे कार्य करते थे। इस अवसर पर असिस्टेंट कमाडेंट रंधीर कुमार, विपिन शर्मा, एन.एस.आरमों सहित अधिनस्थ अधिकारी व जवान मौजूद थे।

Updated on:
04 Jul 2020 08:37 pm
Published on:
04 Jul 2020 08:37 pm