
Swami Atmanand School: छत्तीसगढ़ के भिलाई दुर्ग जिले के 52 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम स्कूलों के लिए राज्य शासन ने एक करोड़ चार लाख रुपए का अनुदान जारी किया है। इसके तहत प्रत्येक स्कूल को मात्र दो लाख रुपए दिए गए हैं, जो सीधे स्कूल प्रबंधन समितियों के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। इस राशि का उपयोग स्कूलों के रखरखाव, मरम्मत और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा।
यह अनुदान भवनों की मरम्मत, साफ-सफाई, प्रयोगशालाओं के उन्नयन, पुस्तकालयों के लिए नई किताबों की खरीद और खेल सामग्री उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में खर्च किया जा सकेगा। साथ ही डिजिटल क्लासरूम के रखरखाव और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाओं के भुगतान में भी इसका उपयोग किया जाएगा। प्रायोगिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए लैब उपकरणों को बेहतर बनाने पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए गए हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि अनुदान राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। जिला शिक्षा अधिकारियों को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि स्कूल प्राचार्य खर्च का लेखा-जोखा सुनिश्चित करेंगे। शासन का उद्देश्य है कि पूरे शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को संसाधनों की कमी का सामना न करना पड़े।
हालांकि, जमीनी स्तर पर इस अनुदान को अपर्याप्त माना जा रहा है। कई आत्मानंद स्कूलों में बुनियादी ढांचे की स्थिति कमजोर है और व्यापक मरम्मत की जरूरत है। ऐसे में प्रति स्कूल दो लाख रुपए की राशि को ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्धारित कार्यों के हिसाब से यह राशि बेहद कम है और इससे व्यापक सुधार संभव नहीं होगा।
राज्य सरकार आत्मानंद स्कूलों को केंद्र की पीएमश्री योजना से जोडऩे की दिशा में भी काम कर रही है। बजट में 250 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। कुछ स्कूलों को ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें सोलर पैनल, कचरा प्रबंधन और जल संरक्षण जैसे उपाय शामिल होंगे।
स्कूलों की थर्ड पार्टी ग्रेडिंग कराई जाएगी और बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को अतिरिक्त अनुदान देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा यह अनुदान आत्मानंद स्कूलों में सुविधा विस्तार के लिए दिया गया है। राशि विभिन्न कार्यों में उपयोग होगी।