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उच्च शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान, छत्तीसगढ़ के सभी कॉलेजों में बनेगा हेल्प डेस्क, छात्रों को मिलेगी ये सुविधा

College Help Desk Facility: छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में अब छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने सभी महाविद्यालयों में हेल्प डेस्क स्थापित करने की घोषणा की है...
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Higher Education Minister Announcement

उच्च शिक्षा मंत्री बोले- छात्रों को नहीं भटकना पड़ेगा (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh College Help Desk: नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है। प्रवेश, परीक्षा, परिणाम, छात्रवृत्ति और विद्यार्थियों की अन्य समस्याओं को लेकर हर वर्ष कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं। इन मुद्दों पर उच्च शिक्षा विभाग की तैयारियों और नई योजनाओं को लेकर पत्रिका ने उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा से विशेष बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश-

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा से पत्रिका की विशेष बातचीत

Q. छात्रों की सबसे बड़ी शिकायत यह रहती है कि उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं होता। कई बार उन्हें एक टेबल से दूसरी टेबल तक भेज दिया जाता है। इसे कैसे दूर करेंगे?

A. विद्यार्थियों की सुविधा हमारी प्राथमिकता है। प्रवेश, छात्रवृत्ति, परीक्षा, दस्तावेज या अन्य समस्याओं के समाधान के लिए सभी कॉलेजों में हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। इससे छात्रों को एक ही स्थान पर जानकारी, मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध होगी तथा उन्हें अनावश्यक भटकना नहीं पड़ेगा।

Q. हर साल प्रवेश की तारीख बढ़ाने की नौबत आ जाती है। इससे पढ़ाई भी देर से शुरू होती है। इस समस्या का समाधान कैसे होगा?

A. हमारा प्रयास है कि प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी हो। इसके लिए विद्यार्थियों को भी समय पर प्रवेश लेना होगा। यदि मेरिट सूची में नाम आने के बाद छात्र निर्धारित अवधि में प्रवेश लेते हैं तो शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू होगा और प्रवेश तिथि बढ़ाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

Q. छात्रों की एक बड़ी चिंता परीक्षा और परिणाम में होने वाली देरी भी रहती है। क्या इस बार कुछ बदलाव देखने को मिलेगा?

A. परीक्षा और परिणाम की समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक कैलेंडर का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हमारी कोशिश है कि पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो, परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित हों और परिणाम भी जल्द जारी किए जाएं।

Q. कॉलेजों में उपस्थिति, अनुशासन और पढ़ाई के माहौल को लेकर भी अक्सर सवाल उठते हैं। विभाग इसे कैसे देखता है?

A. कॉलेज विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इसलिए नियमित उपस्थिति व बेहतर शैक्षणिक वातावरण आवश्यक है। सभी प्राचार्यों को विद्यार्थियों से सतत संवाद बनाए रखने व कम उपस्थिति के कारणों की समीक्षा करने के निर्देश हैं, ताकि अध्ययन का माहौल और बेहतर बनाया जा सके।

Q. क्या सरकार सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दे रही है या छात्रों के सर्वांगीण विकास की भी कोई योजना है?

A. शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए खेल, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियां भी जरूरी हैं। इसी उद्देश्य से कॉलेजों में ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं, ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

Q. नए शिक्षा सत्र को लेकर आपका सबसे बड़ा लक्ष्य क्या है?

A. हमारा लक्ष्य प्रवेश, पढ़ाई, परीक्षा और परिणाम की पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और व्यवस्थित बनाना है। साथ ही विद्यार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाया जाएगा।