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3 इंजीनियरिंग कॉलेज होंगे बंद, छत्तीसगढ़ में 1000 सीटें घटेंगी, छात्रों को बड़ा झटका

Chhattisgarh Engineering Seats Reduced: छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र को बड़ा झटका लगा है। सीएसवीटीयू ने तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोग्रेसिव क्लोजर को मंजूरी दे दी है, जिससे प्रदेश में करीब 1000 इंजीनियरिंग सीटें कम हो जाएंगी।
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भिलाई

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Khyati Parihar

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Updated: 20 Jun 2026, 7:59 AM IST

Engineering Colleges Closed in Chhattisgarh 2026

3 इंजीनियरिंग कॉलेज होंगे बंद (फोटो सोर्स- iStock)

Chhattisgarh Engineering Colleges Closed: प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। एक दशक पहले जहां छत्तीसगढ़ में 38 इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित होते थे, वहीं अब इनकी संख्या और घटने जा रही है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) की कार्यपरिषद ने तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोग्रेसिव क्लोजर को मंजूरी दे दी है।

इसके तहत छत्तीसगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज धनोरा दुर्ग, कोलंबिया इंस्टीट्यूट (रायपुर) और कृष्णा विकास इंजीनियरिंग कॉलेज (रायपुर) नए शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। इससे प्रदेश में इंजीनियरिंग की लगभग एक हजार सीटें कम हो जाएंगी। इन संस्थानों ने स्वयं सीट इनटेक शून्य करने का आवेदन दिया था, जिसे कार्यपरिषद ने स्वीकृति प्रदान कर दी। अब ये कॉलेज डीटीई की काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे और प्रथम वर्ष में नए प्रवेश नहीं ले सकेंगे। इनमें से दो संस्थानों के निजी विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित होने की भी संभावना है।

कार्यपरिषद ने राजनांदगांव के योगांतर इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्ण बंदी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को सीएसवीटीयू की निगरानी में अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए विवि विशेष काउंसलिंग आयोजित करेगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

जांच के दौरान मिली गंभीर कमियां

संबद्धता निरीक्षण के दौरान अहिवारा के आईबीटी पॉलिटेक्निक, मनसा पॉलिटेक्निक और मेदुका स्थित आयुष पॉलिटेक्निक में गंभीर कमियां पाई गईं। निरीक्षण टीम को शिक्षकों की कमी, प्रयोगशालाओं का अभाव और 33 से अधिक अन्य खामियां मिलीं। इसके बाद इन तीनों संस्थानों को इस वर्ष के लिए जीरो इनटेक कर दिया गया है। यानी वे नए छात्रों को प्रवेश नहीं दे सकेंगे। संस्थानों को एक वर्ष के भीतर कमियां दूर कर पुन: आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं।

फायर सेफ्टी कोर्स जारी, माइनिंग डिप्लोमा बंद

कार्यपरिषद ने सीएसवीटीयू के यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट मे संचालित डिप्लोमा इन फायर सेफ्टी को जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के साथ एमओयू की तैयारी की जा रही है। वहीं डिप्लोमा इन माइनिंग इंजीनियरिंग को स्वीकृति नहीं मिल सकी, जिससे यह कोर्स इस सत्र से बंद हो जाएगा।

कार्यपरिषद ने तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोग्रेसिव क्लोजर को मंजूरी दी है। इनके सीट इनटेक शून्य कर दिए गए हैं। वहीं संसाधनों के अभाव में संचालित तीन पॉलीटेक्निक कॉलेजों के नए प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है। - डॉ. अरुण अरोरा, कुलपति, सीएसवीटीयू