
रेत खदान: Chhattisgarh Sand Mining Rules (फोटो सोर्स- पत्रिका)
रायपुर@राहुल जैन। Chhattisgarh Sand Mining New Rule: राज्य सरकार ने रेत खनन व्यवस्था को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2025 में व्यापक बदलाव किए हैं। नई अधिसूचना के तहत अब रेत खदानों के संचालन में सरकारी निगमों की भागीदारी का रास्ता साफ हो गया है, साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई अब पहले से अधिक कठोर होगी।
नई नीति के अनुसार, राज्य सरकार के पास अब यह अधिकार होगा कि वह किसी जिले की जिला स्तरीय समिति द्वारा चिन्हांकित रेत खदानों को पर्यावरण संरक्षण और खनिज भंडार के उचित आकलन के लिए केंद्र या राज्य सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और निगमों के लिए आरक्षित कर सकेगी। यह कदम निजी ठेकेदारों के एकाधिकार को कम करने और सरकारी नियंत्रण को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।
खनन विभाग ने खदानों की निगरानी के लिए ड्रोन, जीपीएस और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अनिवार्य कर दिया है। इन तकनीकों के माध्यम से अवैध उत्खनन की पहचान अब रियल-टाइम में संभव होगी। सरकार ने पट्टा निरस्तीकरण की प्रक्रिया को भी बेहद सख्त बना दिया है। यदि कोई पट्टाधारी निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करता है या निरीक्षण में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा। यदि 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब या सुधार नहीं होता है, तो पट्टा सीधे निरस्त कर दिया जाएगा।
नियमों की अनदेखी पर केवल पट्टा निरस्तीकरण ही नहीं, बल्कि आर्थिक दंड का भी प्रावधान है। अब कलेक्टर पट्टे की शर्तों का उल्लंघन होने पर संबंधित ठेकेदार की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को आंशिक या पूर्ण रूप से जब्त कर सकेंगे। इसके अलावा, खनन की समय-सीमा भी तय कर दी गई है। यदि पट्टा आवंटित होने के एक वर्ष के भीतर खनन कार्य शुरू नहीं होता है, या फिर कार्य शुरू होने के बाद लगातार 12 महीनों तक खदान बंद रहती है, तो सक्षम अधिकारी उस पट्टे को स्वतः समाप्त घोषित कर देंगे।
छत्तीसगढ़ सरकार के नए रेत खनन नियमों का उद्देश्य रेत कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाना और अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाना है। सरकारी निगमों और कंपनियों की भागीदारी, ड्रोन व डिजिटल निगरानी तथा नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई जैसे प्रावधानों से रेत खनन व्यवस्था पर सरकारी नियंत्रण मजबूत होगा। इससे राजस्व बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
Published on:
13 Jun 2026 08:02 am
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