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CG News: पर्यावरणीय मंजूरी के बिना अटकी 13 रेत खदानें, अवैध उत्खनन बेखौफ, प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौती

Raigarh News: रायगढ़ जिले में ई-नीलामी के बाद भी 13 रेत खदानें पर्यावरणीय मंजूरी के इंतजार में अटकी हुई हैं, जिससे वैध खनन शुरू नहीं हो पाया है। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन बेखौफ जारी है...

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अवैध उत्खनन (फोटो सोर्स- पत्रिका)

अवैध उत्खनन (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: रायगढ़ जिले में ई-निलामी के माध्यम से 15 रेत खदानों की नीलामी हुए लंबा समय बीत गया है। इन खदानों को चालू करने के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए आवेदन भी लग चुका है, लेकिन अब तक इनमें से एक भी खदानों को पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं मिल पाया है जिसके कारण रेत का अवैध उत्खनन बेखौफ चल रहा है।

जिले में चिन्हांकित 15 रेत खदानों की ई-निलामी के लिए अक्टूबर माह से प्रक्रिया शुरू हुई और नवंबर के अंत तक प्रक्रिया पूरी हो गई। इसके बाद अन्य विभागीय प्रक्रिया हुई। इस पूरी प्रक्रिया में माह भर से अधिक समय लग गया।

वैध खदानों को पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं

किस्तों में रेत खदान के चयनित बोलीदारों का माइनिंग प्लान एप्रुव्ड हुआ और वर्तमान स्थिति में देखा जाए तो जिले के 13 रेत खदानों के चयनित बोलीदारों ने शासन को माइनिंग प्लान के साथ पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए आवेदन कर चुके हैं। लेकिन जिले में अब तक एक भी रेत खदानों को पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इसके कारण रेत के डिमांड की पूर्ति अवैध उत्खनन से हो रही है।

वर्तमान में देखा जाए तो जिले में एक भी वैध रेत खदान नहीं है, ऐसी स्थिति में प्राइवेट निर्माणाधिन स्थलों की बात तो दूर सरकार भवनों के निर्माण के लिए उपयोग किए जा रहे रेत को लेकर भी सवाल उठ रहा है। कुलमिलाकर देखा जाए तो बेखौफ जिले में रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन चल रहा है।

खदान नहीं होने से हो रहा नुकसान

रेत खदानों की नीलामी से वर्ष 2024-25 में 9 लाख रुपए के राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन इसके एवज में महज 4.51 लाख ही मिला। इसी प्रकार रॉयल्टी से 10 लाख रुपए के राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें 4.90 लाख रुपए मिला। इसके पीछे कारण खदानों का चालू न होना था। इस वर्ष भी रेत के राजस्व से होने वाले आय के रूप में लाखों रुपए के राजस्व का चपत विभाग को लगा है।

इन खदानों की हो चुकी है नीलामी

जिले में 16 रेत खदान चिन्हांकित हैं, जिसमें रायगढ़ विकासखंड में सरडामाल, सहसपुरी, लेबड़ा, डूमरपाली, औराभांठा, दुलोपुर, खरसिया में दर्रामुड़ा और बरभौना, घरघोड़ा में कंचनुपर, फगुरम, टेरम, छाल में पुसल्दा, जोगड़ा अ व जोगड़ा ब , धरमजयगढ़ में बायसी ग्राम में रेत खदान चिन्हांकित है।

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