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Bee Attack: रायगढ़ की प्राचीन गुफा में छिपा खतरा, रिसर्च टीम पर मधुमक्खियों का हमला, पूर्व राजा भी गंवा चुके हैं अपनी जान

Kawardha News: पूर्व रियासत के राजा लोकेश बहादुर सिंह की रहस्यमयी मौत से जुड़ी सिंघनपुर गुफा एक बार फिर सुर्खियों में है। रायगढ़ के भूपदेवपुर क्षेत्र में शनिवार को रायपुर की रिसर्च टीम पर मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया...

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Bee Attack

सिंघनपुर गुफा में मधुमक्खी हमला (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Bee Attack: रायगढ़ जिले में शनिवार को दोपहर में रायपुर के रविशंकर यूनिर्वसिटी के साइंटिस्ट विभाग के पांच सदस्यीय टीम भूपदेवपुर थाना क्षेत्र स्थित सिंघनपुर गुफा का रिसर्च करने पहुंची थी। इस दौरान अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया, जिससे टीम में शामिल तीन महिला व दो पुरुष घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर सभी घायलों को जिंदल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

Bee Attack: गुफा शैलचित्रों एवं पाषाणकालीन अवशेषों से भरी हुई है

जिले के भूपदेवपुर थाना क्षेत्र स्थित सिंघनपुर गुफा शैलचित्रों एवं पाषाणकालीन अवशेषों से भरी हुई है, जिसको देखने के लिए और रिसर्च करने के लिए टीम समय-समय पर पहुंचती है। लगभग 30,000 वर्ष पुराने इन प्रागैतिहासिक शैलचित्रों की खोज वर्ष 1910 में एंडरसन द्वारा की गई थी। इसे पुरापाषाण काल का एक प्रमुख स्थल और छत्तीसगढ़ का पहला खोजा गया शैलचित्र स्थल माना जाता है।

इन शैलचित्रों में शिकार करते हुए मानव, घोड़े की पूंछ पकड़े मानव आकृति, विभिन्न पशु-पक्षियों के चित्र तथा मानव समूहों के दृश्य प्रमुख रूप से देखने को मिलते हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार सिंघनपुर की पहाड़ियों में कुल 11 गुफाएँ स्थित हैं, जिनमें से मुख्य गुफा अत्यंत दुर्गम और रहस्यमयी मानी जाती है।

रविशंकर विश्व विद्यालय की साइंटिस्ट टीम पहुंची थी रिसर्च करने

शनिवार को रायपुर के रविशंकर विश्वविद्यालय के साइंटिस्ट विभाग की पांच सदस्यीय टीम सिंघनपुर गुफा का रिसर्च करने पहुंची थी, जो दोपहर पहाड़ी पर चढ़कर गुफा के भीतर प्रवेश करते हुए वहां मौजूद पुरातात्विक स्थलों का अध्ययन करते हुए प्राचीन शैलचित्रों की जानकारी जुटाने में लगी हुई थी। तभी दोपहर करीब तीन बजे अचानक मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने उन पर हमला कर दिया। इससे टीम में शामिल तीन महिला और दो पुरुष सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल अस्पताल में भर्ती

इससे टीम के सभी सदस्य किसी तरह गुफा से बाहर निकले और तत्काल इसकी सूचना भूपदेवपुर पुलिस व वन विभाग की टीम को दी। इसकी जानकारी मिलते ही आसपास गांव के भी लोग वहां पहुंचे और सभी पांचों घायल सदस्यों को तत्काल उपचार के लिए रायगढ़ स्थित जिंदल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उपचार जारी है।

बनी थी अफरा-तफरी की स्थिति

स्थानीय लोगों का कहना है कि मधुमक्खियों के हमला से उनके शरीर में सूजन और तेज दर्द होने के कारण अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। हालांकि अब उपचार के दौरान सभी घायलों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन उनके शरीर में डंक फंसे होने के कारण कुछ खास राहत नहीं मिली है।

इससे पहले भी हो चुकी है घटना

सिंघनुपर गुफा काफी पुराना है और उसमें मधुमक्खियों का बसेरा भी है। इससे जानकार अंदर प्रवेश नहीं करते हैं। इसके पहले भी मधुक्खियों के हमला से मौत हो चुकी है। इसके चलते जब आसपास के लोगों को जानकारी मिलती है कि कोई गुफा में जा रहा है तो उसे पहले ही सचेत कर दिया जाता है। हालांकि रायपुर से आई टीम को इस बात की जानकारी नहीं होने के कारण वे रिसर्च करते हुए लगातार अंदर प्रवेश कर रहे थे।

रहस्यों और घटनाओं से जुड़ी गुफा

सिंघनपुर गुफा कई रहस्यों को अपने भीतर समेटे हुए है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां स्थित गुफाओं में गड़ा धन होने की भी चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। इसी कारण कई बार लोग लालच में यहां पहुंच जाते हैं, लेकिन मधुमक्खियों के हमलों के कारण उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय मान्यता के अनुसार, पूर्व रियासत के राजा लोकेश बहादुर सिंह की मृत्यु भी इसी क्षेत्र में मधुमक्खियों के हमले के दौरान हुई थी। इसी कारण वर्तमान में ग्रामीण इस क्षेत्र में जाने से डरते हैं और इसे मधुमक्खियों तथा अन्य खतरों से युक्त संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।