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Chhattisgarh Industry News: छत्तीसगढ़ के 10 उद्योगों पर पर्यावरण विभाग की बड़ी कार्रवाई, लगाया 13 लाख का जुर्माना

Chhattisgarh Industry News: पर्यावरण नियमों की अनदेखी करने वाले उद्योगों पर पर्यावरण विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। फ्लाईऐश और औद्योगिक कचरे के लचर प्रबंधन को लेकर 10 औद्योगिक इकाइयों पर 13 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
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रायगढ़

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Love Sonkar

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Updated: 16 May 2026, 9:51 AM IST

Chhattisgarh Industry News

उद्योगों पर पर्यावरण विभाग की बड़ी कार्रवाई (Photo AI)

Chhattisgarh Industry News: रायगढ़ जिले में पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने और फ्लाईऐश (राखड़) का अवैध व गैर-जिम्मेदाराना तरीके से निपटान करने वाली औद्योगिक इकाइयों पर क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने पिछले छह महीनों के भीतर सघन जांच अभियान चलाते हुए क्षेत्र की 10 प्रमुख कंपनियों पर 13 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया है। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से नियमों को ताक पर रखकर काम करने वाले उद्योगपतियों में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि पत्रिका ने फलाईऐश को लेकर हो रही परेशानियों को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की थी।

Chhattisgarh Industry News: राखड़ के लचर प्रबंधन से बढ़ रहा था प्रदूषण

विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई औद्योगिक इकाइयां अपने संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाईऐश और अन्य हानिकारक औद्योगिक कचरे का वैज्ञानिक व तय गाइडलाइन के अनुसार निपटान नहीं कर रही थीं। खुले में और रिहायशी इलाकों के आसपास राखड़ फेंकने से न केवल वायु प्रदूषण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा था, बल्कि स्थानीय आबादी के स्वास्थ्य और कृषि भूमि को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा था। जांच टीम को मौके पर भारी अनियमितताएं मिलने के बाद यह दंडात्मक कार्रवाई की गई।

एनआर इस्पात पर 5 लाख का डैमेज कंट्रोल चार्ज

इस पूरी कार्रवाई में गौरमुड़ी स्थित मेसर्स एन.आर. इस्पात पर पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने के एवज में सर्वाधिक 4.80 लाख रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा नियमों की अनदेखी करने वाली अन्य प्रमुख कंपनियों पर भी गाज गिरी है, मेसर्स विमला इंफ्रास्ट्रक्चर (इंडिया) प्रा.लि.: कोल वाशरी पर 62,500 रुपए और रेलवे साइडिंग पर 37,500 रुपए और एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर: पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के दो अलग-अलग मामलों में क्रमश: 61,500 रुपए व 60,500 रुपए का अर्थदंड लगाया है। वहीं जिले में प्रदूषण स्तर में लगातार वृद्धि होने की आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले की वायु गुणवत्ता नियंत्रित और स्थिर बनी हुई है। मंडल द्वारा उद्योगों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

इन उद्योगों पर भी हुई कार्रवाई

मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर प्रा.लि., श्याम इस्पात, सुनील इस्पात एंड पावर, अंजनी स्टील, बी.एस. स्पंज और टी.आर.एन. एनर्जी शामिल हैं।