
रायगढ़ पुलिस की गोवा में बड़ी रेड (photo source- Patrika)
IPL Betting Racket: छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गोवा में दबिश देकर 6 बड़े सट्टा संचालकों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में हवाला लेनदेन, डिजिटल बेटिंग आईडी और करोड़ों रुपये के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से आईपीएल और अन्य क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे और इसका नेटवर्क रायगढ़ से लेकर रायपुर, सक्ती, खरसिया और गोवा तक फैला हुआ था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी मध्य भारत के चर्चित सट्टा नेटवर्क संचालक “मन्नू नथानी” गिरोह से जुड़े हुए थे। ये लोग बड़े खाईवालों से बेटिंग आईडी लेकर छोटे एजेंटों और प्लेयर्स तक पहुंचाते थे और हर ट्रांजेक्शन पर कमीशन कमाते थे। इसके अलावा हवाला के जरिए पैसों का लेनदेन भी किया जाता था।
मामला रायगढ़ के कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा केस से जुड़ा है। इससे पहले इस मामले में करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर साइबर थाना और कोतवाली पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें गोवा के कैंडोलिम बीच क्षेत्र में किराए के एक विला तक नेटवर्क के तार पहुंचे।
पुलिस ने गोवा में दबिश देकर अमित मित्तल, मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल और सुलभ खंडेलवाल को गिरफ्तार किया। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी मोबाइल फोन और दस्तावेज नष्ट करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मौके से 10 मोबाइल फोन और कई डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए गए।
जांच में पता चला कि आरोपी तीन अलग-अलग तरीकों से सट्टा चला रहे थे। पहला, “अभिनंदन बुक/लाइन” के जरिए मैच के रेट लेकर एजेंटों तक पहुंचाए जाते थे। दूसरा, “प्रगति टीवी ऐप” और “स्टार लाइव” जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर मैच 7 सेकेंड पहले देखा जाता था, जिससे रेट तेजी से अपडेट किए जाते थे। तीसरा, “ऑल पैनल एक्सचेंज”, “ताज 777” और “डायमंड एक्सचेंज” जैसी बेटिंग आईडी के जरिए ऑनलाइन जुआ खिलाया जाता था।
पुलिस को शुरुआती जांच में एक आईपीएल सीजन में करोड़ों रुपये के लेनदेन के संकेत मिले हैं। साथ ही यह भी खुलासा हुआ है कि क्रिकेट बेटिंग आईडी दुबई से बड़े खाईवालों तक पहुंचती थी और वहां से रायपुर, नागपुर और मध्य भारत के अन्य शहरों में एजेंटों के जरिए फैलती थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। अब पुलिस इस पूरे सट्टा नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और फंडिंग चैनल की जांच में जुटी है।
Published on:
16 May 2026 05:03 pm
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