भिलाई

हेमचंद विवि : वार्षिक परीक्षा फार्म भरने में गलती की तो सुधार के लिए विवि को देने होंगे 120 रुपए

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के विद्यार्थी सोमवार से वार्षिक परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। यदि आपसे परीक्षा फार्म भरते वक्त कोई त्रृटि हो जाए तो इसे सुधारने के लिए अलग से 120 रुपए भी जमा करना होगा। यह व्यवस्था पहली बार की गई है।
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Updated: 13 Jan 2019, 10:06 PM IST
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भिलाई@Patrika. हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के विद्यार्थी सोमवार से वार्षिक परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 28 जनवरी तय की गई है। विवि प्रशासन ने कहा है कि इसके बाद 29 और 30 जनवरी तक 100 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से विलंब शुल्क लगेगा। सबसे खास बात यह है कि यदि आपसे परीक्षा फार्म भरते वक्त कोई त्रृटि हो जाए तो इसे सुधारने के लिए अलग से 120 रुपए का शुल्क भी जमा करना होगा। यह व्यवस्था पहली बार की गई है। @Patrika. त्रृटि सुधार के लिए भी सिर्फ दो दिनों का वक्त ही दिया गया है। विद्यार्थियों को २ फरवरी तक आवेदन फार्म की हार्डकॉपी केंद्र में जमा करानी होगी। फार्म की प्रक्रिया पूरी करने विवि ने सीमित समय ही दिया है। ऐसे विद्यार्थी जो आवेदन भरने के लिए इंटरनेट कैफे का रुख करते हैं, उन्हें बेहद बारीकी से हर एक कॉलम देखना होगा। कैफे संचालक से गलती हुई तो १२० रुपए का फटका विद्यार्थी को लगेगा। फार्म को सुधारने का अधिकार सिर्फ विवि प्रशासन को ही होगा।

...तो विद्यार्थियों की बढ़ जाएगी परेशानी
विवि प्रशासन स्थापना के बाद से ही रविवि का अनुशरण कर रहा है, लेकिन इस बार अचानक व्यवस्था बदल दी है। विवि प्रशासन ने कहा है कि प्रायोगिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहने वाले विद्यार्थियों को अन्य महाविद्यालय में उक्त विषय की प्रयोगिक परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। @Patrika. परीक्षार्थी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि प्रयोगिक परीक्षा में अनुपस्थित नहीं हों। इसके विपरित रविवि ने अपनी सूचना में विद्यार्थियों के लिए ऐसी स्थिति में अलग से व्यवस्था कराए जाने का जिक्र किया है। इसके अलावा पीजी परीक्षाओं में मनोविज्ञान एवं भूगोल विषय का चयन करने वाले स्वाध्यायी विद्यार्थियों को पहले प्रायोगिक परीक्षा के लिए पंजीयन कराना होगा, इसके बाद ही परीक्षा का ऑनलाइन आवेदन भर सकेंगे।

विवि के पास ग्रंथालय नहीं पर लेगा शुल्क
हेमचंद यादव विवि के पास फिलहाल ग्रंथालय की व्यवस्था नहीं है, लेकिन नियमित और स्वाध्यायी विद्याथी दोनों से ही ३० रुपए ग्रंथालय शुल्क वसूल किया जाएगा।@Patrika. पूर्व में रविवि के दौरान भी गं्रथालय शुल्क को हमेशा से ही विवाद रहा है कि स्वाध्यायी विद्यार्थी विवि के ग्रंथालय का उपयोग करते ही नहीं, इसलिए ग्रंथालय शुल्क क्यों दें। जबकि यहां हेमचंद विवि के पास गं्रथालय नहीं होते हुए भी शुल्क लेगा।

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