Loudspeaker Ban: परीक्षा के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर जिला प्रशासन ने सख्ती बरती है। रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकर को प्रतिबंध किया है, इसे लेकर आदेश जारी हुआ है..
Loudspeaker Ban: आज से सीबीएसई की परीक्षा शुरू हो गई है। इसी सप्ताह सीजीबीएसई की परीक्षा शुरू होने वाली है ऐसे में एग्जाम के समय में शोर मचाने वालों पर जिला प्रशासन ने पाबंदी लगाई है। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले में रात्रि 10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउड स्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर 30 जून तक प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत जारी किया गया है। विद्यालयों व महाविद्यालयों में परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को शांति पूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों के अध्ययन में व्यवधान रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। धार्मिक त्यौहार, विवाह, संस्कार, उत्सव एवं चुनाव प्रचार जैसे विशेष अवसरों पर संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी से अनुमति ली जा सकेगी। अनुमति निम्न शर्तों के अधीन होगी-ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग धीमी आवाज में किया जाएगा और सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशों का पालन अनिवार्य होगा। निजी परिसर में ध्वनि स्तर निर्धारित परिवेशीय सीमा से 5 डीबी (ए) से अधिक नहीं होगा।
लाऊडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र या ध्वनि उत्पन्न करने वाले यंत्रों का सार्वजनिक स्थलों पर ध्वनि स्तर क्षेत्रीय मानक से 10 डीबी (ए) या अधिकतम 75 डीबी (।) से अधिक नहीं होगा। लाउडस्पीकर का उपयोग सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही किया जा सकेगा।
कार्यक्रम स्थल के लिए नगर निगम या संबंधित सक्षम प्राधिकारी (जैसे बीएसपी प्रशासन) से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। जिला प्रशासन द्वारा कड़े निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच अनुमति नहीं दी जाएगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
सार्वजनिक स्थलों पर ध्वनि स्तर 75 डीबी से अधिक नहीं होगा।
निजी परिसर में ध्वनि स्तर निर्धारित सीमा से 5 डीबी से अधिक नहीं।
लाउड स्पीकर का उपयोग सुबह 6 से रात 10 बजे तक ही ही होगा।
विशेष अवसरों पर एसडीएम से अनुमति आवश्यक।
रात 10 से सुबह 6 बजे के बीच किसी भी परिस्थिति में अनुमति नहीं।